Gold Tips: त्योहारों में गोल्ड खरीदते समय इन 7 बातों का रखें ध्यान
त्योहारी सीजन शुरू होते ही सोने की खरीदारी बढ़ जाती है। इस समय गोल्ड की कीमतों में भी लगातार उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। हाल के.......

Gold Tips: त्योहारी सीजन शुरू होते ही सोने की खरीदारी बढ़ जाती है। इस समय गोल्ड की कीमतों में भी लगातार उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। हाल के दिनों में दाम नीचे आने के बाद कई लोग इसे खरीदारी का अच्छा मौका मान रहे हैं। हालांकि, सिर्फ कम कीमत देखकर सोना खरीद लेना हमेशा फायदे का सौदा नहीं होता। खरीदारी के दौरान अगर शुद्धता, हॉलमार्क, बिल या मेकिंग चार्ज जैसी जरूरी चीजों की जांच नहीं की गई, तो सस्ता सोना खरीदने के चक्कर में आपको नुकसान उठाना पड़ सकता है। इसलिए सोना खरीदने से पहले इन 7 बातों का जरूर ध्यान रखें।
1. BIS हॉलमार्क जरूर देखें
सोने की ज्वेलरी खरीदते समय सबसे पहले उस पर BIS हॉलमार्क की जांच करें। केवल दुकानदार की बात पर भरोसा करने के बजाय ज्वेलरी पर मौजूद BIS लोगो और 6 अंकों वाले HUID नंबर को जरूर देखें।
यह नंबर ज्वेलरी की पहचान और उसकी शुद्धता से जुड़ी जानकारी हासिल करने में मदद करता है।
2. कैरेट देखकर समझें सोने की शुद्धता
गोल्ड की शुद्धता कैरेट के आधार पर तय होती है। खरीदारी के समय ज्वेलरी पर दर्ज शुद्धता का नंबर जरूर चेक करें।
- 24 कैरेट सोने पर 999 लिखा होता है।
- 22 कैरेट सोने पर 916 अंकित होता है।
- 18 कैरेट सोने पर 750 लिखा होता है।
आमतौर पर कैरेट जितना ज्यादा होगा, सोने की शुद्धता उतनी ही अधिक होगी।
3. HUID नंबर खुद वेरिफाई करें
सोने की ज्वेलरी की जानकारी जांचने के लिए आप अपने मोबाइल फोन का इस्तेमाल कर सकते हैं। BIS Care App के जरिए ज्वेलरी पर दिए गए HUID नंबर को चेक किया जा सकता है। इससे खरीदारी से पहले ज्वेलरी से जुड़ी जरूरी जानकारी और हॉलमार्क की पुष्टि करने में मदद मिलती है।
4. खरीदारी के बाद पक्का बिल जरूर लें
सोना खरीदते समय बिल लेना बेहद जरूरी है। बिल में सिर्फ कुल कीमत देखकर संतुष्ट न हों। उसमें सोने का वजन, कैरेट, HUID नंबर और मेकिंग चार्ज जैसी जानकारी स्पष्ट रूप से दर्ज होनी चाहिए। इसके अलावा बिल में लागू GST की जानकारी भी देख लें। दिए गए विवरण के अनुसार, सोने पर 3% GST और मेकिंग चार्ज पर 5% GST लागू होता है।
5. शुद्धता पर शक हो तो करा सकते हैं टेस्ट
अगर आपको खरीदी गई ज्वेलरी की शुद्धता को लेकर संदेह है, तो उसकी जांच कराई जा सकती है। इसके लिए BIS मान्यता प्राप्त लैब में गोल्ड टेस्ट कराने का विकल्प मौजूद है। दिए गए नियमों के मुताबिक, अगर जांच में सोना घोषित शुद्धता से कम पाया जाता है तो ग्राहक को निर्धारित नियमों के तहत मुआवजा मिल सकता है।
6. निवेश के लिए Gold ETF पर भी करें विचार
अगर आपका मकसद सिर्फ सोने में निवेश करना है और ज्वेलरी पहनने की जरूरत नहीं है, तो फिजिकल गोल्ड के अलावा Gold ETF या Gold Mutual Fund जैसे विकल्पों पर भी विचार किया जा सकता है। इन विकल्पों में सोने को घर पर रखने की जरूरत नहीं होती, जिससे चोरी और रखरखाव जैसी परेशानियां कम हो सकती हैं।
7. मेकिंग चार्ज में छूट देखकर तुरंत न खरीदें
त्योहारी सीजन में कई ज्वेलर्स मेकिंग चार्ज पर डिस्काउंट का ऑफर देते हैं। लेकिन केवल छूट देखकर खरीदारी करने के बजाय कुल कीमत और उस दिन के गोल्ड रेट की तुलना जरूर करें। कभी-कभी कम मेकिंग चार्ज का फायदा दिखाकर सोने के बेस रेट में अंतर रखा जा सकता है। इसलिए अलग-अलग दुकानों की कीमतों की तुलना करने के बाद ही खरीदारी का फैसला करना बेहतर है।
खरीदारी से पहले इन चीजों की जरूर करें जांच
त्योहारों में सोना खरीदना है तो सिर्फ बाजार भाव देखकर जल्दबाजी न करें। BIS हॉलमार्क, HUID नंबर, कैरेट, वजन, बिल, GST और मेकिंग चार्ज की पूरी जानकारी लेने के बाद ही भुगतान करें। इससे गलत शुद्धता या अनावश्यक अतिरिक्त शुल्क जैसी परेशानी से बचने में मदद मिल सकती है।









