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IPO allotment criteria: शेयरों को खरीदने का मौका,कंपनियों के विकास के लिए आवश्यक

शेयरों का अलॉटमेंट एक तरीका है जिससे किसी कंपनी के शेयर बाजार में उपलब्ध कराए जाते हैं।

शेयरों का अलॉटमेंट एक तरीका है जिससे किसी कंपनी के शेयर बाजार में उपलब्ध कराए जाते हैं। यह एक प्रक्रिया है जिसमें निवेशकों को शेयर खरीदने का मौका मिलता है और कंपनी को पूंजी जुटाने का अवसर मिलता है। शेयरों का अलॉटमेंट विभिन्न तरीकों से किया जा सकता है, जैसे कि आईपीओ (इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग), राइट्स ऑफर, और प्राइवेट प्लेसमेंट।

आईपीओ एक प्रक्रिया है जिसमें कंपनी ने अपने शेयरों को सार्वजनिक रूप से बेचने का निर्णय लिया होता है। इस प्रक्रिया में कंपनी एक नोटिस जारी करती है जिसमें शेयरों की मूल्य और खरीद की तिथि की जानकारी होती है। इसके बाद निवेशक इन शेयरों को खरीदने के लिए आवेदन कर सकते हैं। राइट्स ऑफर भी एक प्रकार का अलॉटमेंट है जिसमें कंपनी अपने मौजूदा शेयरधारकों को नए शेयरों का अधिकार देती है। इस प्रक्रिया में शेयरधारकों को नए शेयरों को खरीदने का मौका मिलता है।

प्राइवेट प्लेसमेंट एक तरीका है जिसमें कंपनी निजी रूप से निवेशकों को शेयर बेचती है। इस प्रक्रिया में कंपनी निजी निवेशकों को शेयर खरीदने का मौका देती है और उन्हें नए स्वामित्व के लिए अधिकार प्राप्त करने का अवसर मिलता है।

टाटा टेक और गांधार रिफाइनरी के शेयरों का अलॉटमेंट भी इनी तरीकों से किया जा सकता है। निवेशकों को इन कंपनियों के शेयरों को खरीदने का मौका मिलता है और कंपनियों को नए पूंजी का स्रोत प्राप्त होता है। इस प्रक्रिया से निवेशकों को निवेश करने का मौका मिलता है और कंपनियों को विकास के लिए आवश्यक पूंजी प्राप्त होती है।

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