Silver Price: 2026 में नया रिकॉर्ड बनाएगी चांदी? 3 लाख पार का अनुमान
Silver Price: ब्रोकरेज फर्म Motilal Oswal का ये मानना है कि यह तेजी अभी खत्म नहीं हुई है। फर्म के हिसाब से मौजूदा उछाल सिर्फ शुरुआत है

Silver Price Target: साल 2025 में चांदी में निवेश करने वालों की बल्ले-बल्ले हो गई। बता दें कि अप्रैल 2025 में जहां चांदी ने करीब 90,000 रुपये प्रति किलों के आसपास कारोबार किया, वहीं दिसंबर के आखिर तक इसकी कीमत बढ़कर लगभग 2.5 लाख रुपये प्रति किलो तक जा पहुंची। यानी सिर्फ 9 महीनों में चांदी ने करीब 170 फीसदी का शानदार रिटर्न दिया है।
चांदी के भविष्य को लेकर बाजार के जानकारों की राय भले ही अलग-अलग हो, लेकिन ब्रोकरेज फर्म Motilal Oswal का ये मानना है कि यह तेजी अभी खत्म नहीं हुई है। फर्म के हिसाब से मौजूदा उछाल सिर्फ शुरुआत है और आने वाले वक्त में चांदी नया रिकॉर्ड बना सकती है।आपको जानकार हैरानी होगी कि Motilal Oswal ने MCX Silver के लिए साल 2026 का टारगेट 3.20 लाख रुपये प्रति किलो तय किया है, जो मौजूदा स्तर से करीब 27–28 प्रतिशत ज्यादा है.
2026 में चांदी की कीमतों में और तेजी की उम्मीद
Silver Price: सोने और चांदी की कीमतों में जारी तेज़ी को एक्सपर्ट्स मल्टी-ईयर कमोडिटी सुपर-साइकल का हिस्सा मान रहे हैं। ब्रोकरेज फर्म Motilal Oswal के मुताबिक, चांदी की कीमत साल 2026 में बढ़ती हुई नजर आ सकती हैं.रिपोर्ट के हिसाब से साल 2026 की पहली छमाही में पॉलिसी से जुड़ी अनिश्चितता और करेंसी में उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकते हैं जिसके चलते चांदी के दामों में और मजबूती देखने को मिल सकती है। वहीं, दूसरी छमाही में मामूली करेक्शन के आसार है, हालांकि इसके बावजूद डिमांड का स्ट्रक्चरल सपोर्ट मजबूत बना रहेगा ऐसा अनुमान है।
चांदी सिर्फ एक कीमती धातु ही नहीं है, बल्कि इसका इस्तेमाल काफी जगहों पर होता है जैसे इंडस्ट्रियल सेक्टर में भी इसका बड़े पैमाने पर इस्तेमाल होता है। खासकर पावर और रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर में तेजी से इसका इस्तेमाल हो रहा है, इसके साथ ही वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच सेफ-हेवन इन्वेस्टमेंट की बढ़ती मांग की वजह से चांदी को काफी मजबूती मिली है.
क्यों गोल्ड से ज्यादा चमकी चांदी?
Silver Price: जानकारी के अनुसार साल 2025 में रिटर्न के मामले में चांदी ने सोने को भी पीछे छोड़ दिया है। अप्रैल से लेकर दिसंबर के बीच चांदी की कीमत करीब 90,000 रुपये प्रति किलों से बढ़कर लगभग 2.5 लाख रुपये प्रति किलों तक पहुंच गई। इस तेज़ उछाल के पीछे सबसे बड़ी वजह फिजिकल टाइटनेस मानी जा रही है,
यानी बाजार में डिमांड के मुकाबले सप्लाई सीमित बनी हुई है। इसके अलावा, कई इंटरनेशनल कारण भी चांदी की कीमतों को सपोर्ट कर रहे हैं।इनमें जियोपॉलिटिकल तनाव, वैश्विक व्यापार से जुड़ी अनिश्चितता, नरम मौद्रिक नीति, कमजोर पड़ता अमेरिकी डॉलर और भारतीय रुपये में गिरावट जैसी वजह भी शामिल हैं, जिनके कारण से आगे भी चांदी में मजबूती बने रहने की उम्मीद जताई जा रही है.
डिमांड के मामले में चांदी ने दूसरा सबसे बड़ा स्तर छुआ
Silver Price: ब्रोकरेज फर्म Motilal Oswal के अनुसार, साल 2025 में चांदी की इंडस्ट्रियल डिमांड अपने दूसरे सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच गई। इसके पीछे सोलर पावर प्रोजेक्ट्स की तेजी, बढ़ता इलेक्ट्रिफिकेशन, इलेक्ट्रिक वाहनों की मांग और ग्रिड इंफ्रास्ट्रक्चर में बढ़ता निवेश जैसी बड़ी वजह शामिल रही। इन फैक्टर्स के कारण पांचवें लगातार साल चांदी की कुल मांग में इजाफा देखने को मिला, जिससे डिमांड और सप्लाई के बीच का अंतर और ज्यादा बढ़ गया। आपको बता दें कि फिजिकल मार्केट में भी चांदी की डिमांड लगातार मजबूत बनी हुई है, जो कीमतों को सपोर्ट दे रही है।
फिजिकल मार्केट में सप्लाई को लेकर दबाव गहराया
Silver Price: Motilal Oswal की रिपोर्ट में जानकारी दी गई है कि डिमांड-सप्लाई गैप बढ़ने के कारण चांदी में बैकवर्डेशन जैसी स्थिति देखने को मिली। बैकवर्डेशन का मतलब होता है कि Future की डिलीवरी के सौदे मौजूदा कीमत से कम पर ट्रेड कर रहे हों, जो मार्केट में तत्काल उपलब्धता की कमी का संकेत देता है।
रिपोर्ट के हिसाब से यह साफ पता चलता है कि कीमतों में तेजी के बावजूद फिजिकल मार्केट पर दबाव बना हुआ नजर आ रहा है। बात करें जनवरी कि तो फिलहाल जनवरी 2026 में MCX Silver की कीमत करीब 2.52 लाख से 2.60 लाख रुपये प्रति किलों के दायरे में कारोबार कर रही है।
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