Success Story: आप भी कमाना चाहते हैं लाखों रुपए तो पढ़ लीजिए ये खबर
शंघाई यूनिवर्सिटी ऑफ स्पोर्ट्स में थर्ड ईयर के छात्र ने शुरुआत में एक दोस्त के साथ मिलकर साइकिल ट्रेनिंग को छोटे बिजनेस के तौर पर शुरू किया।

Success Story: आज के समय में कमाई के नए रास्ते तेजी से उभर रहे हैं। कोई ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के जरिए पुरानी चीजें बेच रहा है, तो कोई अपने शौक को बिजनेस में बदलकर अच्छी कमाई कर रहा है। वहीं कुछ लोग रोजमर्रा की छोटी-सी समस्या को पहचानकर उससे कमाई का मजबूत जरिया तैयार कर लेते हैं। ऐसा ही एक उदाहरण चीन से सामने आया है, जहां मास्टर डिग्री की पढ़ाई कर रहा एक कॉलेज छात्र साइकिल सिखाकर लाखों रुपये की साइड इनकम कर चुका है।
चीन के शंघाई शहर में स्पोर्ट्स एजुकेशन की पढ़ाई कर रहे ली (Li) ने यह अनोखा आइडिया अपनाया। उन्होंने देखा कि बड़े शहरों में साइकिल लेन बढ़ रही हैं और फिटनेस के प्रति लोगों का रुझान भी तेजी से बढ़ा है। इसके बावजूद बड़ी संख्या में ऐसे लोग हैं, जिन्हें साइकिल चलानी ही नहीं आती। ली ने इसी कमी को अवसर में बदलने का फैसला किया।
शंघाई यूनिवर्सिटी ऑफ स्पोर्ट्स में थर्ड ईयर के छात्र ली ने शुरुआत में एक दोस्त के साथ मिलकर साइकिल ट्रेनिंग को छोटे बिजनेस के तौर पर शुरू किया। हालांकि कुछ समय बाद दोस्त को नौकरी मिल गई और वह अलग हो गया, लेकिन ली ने इस काम को अकेले ही आगे बढ़ाया। यूनिवर्सिटी में दाखिले के बाद उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर साइकिल सिखाने से जुड़े वीडियो डालने शुरू किए। महज दो महीने के भीतर ही उन्हें अपनी पहली पेड क्लास मिल गई।
ली ने साइकिल सिखाने के लिए एक खास कोर्स तैयार किया है, जिसकी फीस 800 युआन (करीब 110 डॉलर) है। इस पैकेज में वह यह भरोसा देते हैं कि कोर्स पूरा होने तक सीखने वाला व्यक्ति साइकिल चलाने में सक्षम हो जाएगा। आमतौर पर वयस्कों को 1.5 से 2 घंटे की दो क्लास में ही साइकिल चलाना आ जाता है, जबकि बच्चों को थोड़ा अधिक समय लगता है।
अब तक ली करीब 700 लोगों को साइकिल चलाना सिखा चुके हैं। इनमें 4 साल के बच्चे से लेकर 68 साल तक के लोग शामिल हैं। ज्यादातर स्टूडेंट्स की उम्र 20 से 30 साल के बीच है और इनमें लगभग 70 प्रतिशत महिलाएं हैं। कई लोग बचपन में गिरने के डर या सही ट्रेनिंग न मिलने की वजह से साइकिल नहीं सीख पाए थे। आज वही डर ली की ट्रेनिंग से खत्म हो रहा है और उनके लिए यह आइडिया लाखों की कमाई का जरिया बन चुका है।
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