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Wagh Bakri Tea: वाघ बकरी चाय के मालिक का निधन ,2000 करोड़ रुपये के पार की संपत्ति

पराग देसाई पिछले सप्ताह गिर गए थे, इसके बाद उन्हें ब्रेन हेमरेज हुआ

पराग देसाई, एक आम गांव के छोटे से परिवार में पैदा हुआ था। उसके पिता एक चाय की दुकान चलाते थे और उनकी आर्थिक स्थिति गरीबी की थी। पराग को बचपन से ही व्यापार करने का शौक था और उसका सपना था कि वह एक दिन बड़ी कंपनी के मालिक बनेगा।

जब पराग जवान हुआ, तो उसने अपने पिता की दुकान में काम करना शुरू किया। वह अपने व्यापारिक दृष्टिकोण को बढ़ाने के लिए नए आइडियाज ढूंढ़ने लगा। उसने देखा कि उसके गांव में वाघ बकरी पालने का व्यापार बहुत चल रहा है। इसे देखकर पराग के मन में एक नया आइडिया उभरा। उसने तत्परता से वाघ बकरी पालने के बारे में अध्ययन किया और इसमें अच्छा मुनाफा देखा।

पराग ने अपने पिता को अपनी योजना के बारे में बताया और उनसे वाघ बकरी पालने के लिए थोड़ी राशि मांगी। पराग के पिता ने उसे शुरू में ठुकरा दिया, लेकिन बाद में उन्होंने उसे समझाया कि यह व्यापार उसके लिए अच्छा हो सकता है। उन्होंने पराग को उसकी योजना के लिए आशीर्वाद दिया और उसे थोड़ी राशि दी।

पराग ने वाघ बकरी पालने का व्यापार शुरू किया और धीरे-धीरे उसका व्यापार बढ़ता गया। उसने अच्छी देखभाल करके अपने पशुओं की संख्या बढ़ाई और उनकी देखरेख में ध्यान दिया। उसकी मेहनत और समर्पण ने उसे सफलता की ओर ले जाया।

कुछ सालों बाद, पराग की कंपनी वाघ बकरी पालन में देश की सबसे बड़ी हो गई। उसकी कंपनी का मूल्य 2000 करोड़ रुपये के पार पहुंच गया। पराग देसाई अब देश के प्रमुख उद्योगपति माने जाते थे। उनकी कहानी लोगों के लिए प्रेरणादायक थी, क्योंकि उन्होंने अपने सपनों को पूरा करने के लिए कठिनाइयों का सामना किया और सफलता हासिल की।

Accherishtey
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