Anil Vij के ड्राइवर के बेटे से 50 लाख की ठगी, विदेश भेजने के नाम पर खेल
हरियाणा के कैबिनेट मंत्री अनिल विज के यहां चालक के तौर पर तैनात एक व्यक्ति ने विदेश भेजने के नाम पर करीब 50 लाख रुपये की धोखाधड़ी किए...

हरियाणा के कैबिनेट मंत्री अनिल विज के यहां चालक के तौर पर तैनात एक व्यक्ति ने विदेश भेजने के नाम पर करीब 50 लाख रुपये की धोखाधड़ी किए जाने का आरोप लगाया है। शिकायतकर्ता का कहना है कि एक एजेंट ने उसके बेटे को विदेश भेजने का भरोसा देकर अलग-अलग समय पर बड़ी रकम ली, लेकिन तय प्रक्रिया के मुताबिक विदेश भेजने के बजाय मामला कुछ और ही दिशा में चला गया।
शिकायतकर्ता राकेश कुमार ने इस मामले में मंत्री अनिल विज से शिकायत कर आरोपी के खिलाफ कार्रवाई और अपने परिवार की सुरक्षा की मांग की है। वहीं, पैसे वापस मांगने पर आरोपी की ओर से कथित तौर पर धमकी दिए जाने का भी आरोप लगाया गया है। मामले में पानीपत के ओल्ड इंडस्ट्रियल थाना क्षेत्र में दो लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है।
बेटे को विदेश भेजने के लिए एजेंट से हुआ संपर्क
गोहाना की गौतम नगर कॉलोनी में रहने वाले राकेश कुमार हरियाणा सरकार में चालक हैं। हाल ही में उनकी ड्यूटी मंत्री अनिल विज के आवास पर लगाई गई है। शिकायत के मुताबिक, राकेश के छोटे बेटे नवीन वर्मा ने सीनियर मैकेनिकल इंजीनियरिंग की पढ़ाई की है। विदेश में नौकरी और बेहतर भविष्य के उद्देश्य से उसे अमेरिका भेजने की योजना बनाई गई थी। राकेश का कहना है कि उनके साले के एक परिचित के जरिए उनकी मुलाकात पानीपत के रहने वाले एजेंट कुलदीप से हुई। बातचीत के बाद बेटे को अमेरिका भेजने के लिए करीब 40 लाख रुपये में सौदा तय होने की बात कही गई।
अलग-अलग मौकों पर ली गई रकम
शिकायत में राकेश ने बताया कि शुरुआत में एजेंट को 5 लाख रुपये बतौर एडवांस दिए गए। इसके बाद पासपोर्ट से जुड़ी प्रक्रिया के लिए अक्टूबर 2024 में कथित तौर पर 10 लाख रुपये मांगे गए और यह रकम पानीपत में नकद दी गई।इसके बाद 19 अक्टूबर को वीजा प्रक्रिया के नाम पर 8 लाख रुपये और देने का आरोप है। शिकायतकर्ता के मुताबिक, इसके अलावा अलग-अलग तारीखों पर डिजिटल पेमेंट के जरिए भी एजेंट को रकम भेजी गई। राकेश का दावा है कि इन सभी भुगतानों को जोड़ने पर कुल रकम करीब 50 लाख रुपये तक पहुंच गई।
फ्रांस के बजाय मैक्सिको भेजने का आरोप
राकेश के अनुसार, एजेंट ने उनके बेटे को पहले फ्रांस भेजने की बात कही थी। हालांकि बाद में उसे मैक्सिको पहुंचा दिया गया। वहां से कथित तौर पर उसे अमेरिका में प्रवेश कराया गया। अमेरिका पहुंचने के बाद नवीन को वहां की पुलिस ने पकड़ लिया। शिकायतकर्ता के मुताबिक, उनका बेटा करीब 14 महीने तक एक कैंप में रहा और दिसंबर 2025 में उसे डिपोर्ट कर भारत वापस भेज दिया गया।
पैसे मांगने पर धमकी देने का आरोप
बेटे के भारत लौटने के बाद राकेश ने एजेंट से अपनी रकम वापस मांगी। उनका कहना है कि मामले को सुलझाने के लिए पंचायत भी हुई, जहां आरोपी ने कथित तौर पर एक महीने के भीतर पैसे लौटाने का भरोसा दिया। शिकायतकर्ता का आरोप है कि तय समय बीतने के बाद भी रकम वापस नहीं की गई। इसके बाद आरोपी ने फोन उठाना भी बंद कर दिया। राकेश का यह भी आरोप है कि जब उन्होंने दोबारा पैसे लौटाने की मांग की तो उन्हें जान से मारने और झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी दी गई।
मंत्री से कार्रवाई और सुरक्षा की मांग
राकेश कुमार ने मंत्री अनिल विज को शिकायत देकर पूरे मामले की जांच कराने और आरोपी के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है। साथ ही उन्होंने अपने परिवार को सुरक्षा उपलब्ध कराने की अपील भी की है। फिलहाल पुलिस ने शिकायत के आधार पर दो लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। मामले में सामने आए आरोपों की जांच के बाद ही पूरी तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी।









