बैंक लोन धोखाधड़ी गिरोह का भंडाफोड़, मामले में तीन आरोपी गिरफ्तार
दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा ने बैंक लोन धोखाधड़ी से जुड़े एक संगठित गिरोह का खुलासा करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है।

दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा ने बैंक लोन धोखाधड़ी से जुड़े एक संगठित गिरोह का खुलासा करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान अतुल अग्रवाल उर्फ मनीष कुमार (40), अजय चौरसिया (46) और दीपक धौंडियाल (49) के रूप में हुई है। ये तीनों आरोपी पिछले छह वर्षों से एक बड़े धोखाधड़ी मामले में फरार चल रहे थे।
अपराध शाखा के पुलिस उपायुक्त हर्ष इंदौरा ने बताया कि यह मामला बजाज फाइनेंस की ओर से दर्ज कराई गई शिकायत के आधार पर सामने आया था। जांच में पता चला कि आरोपियों ने फर्जी सरकारी कर्मचारी पहचान पत्र और नकली आय संबंधी दस्तावेजों का इस्तेमाल कर वेतनभोगी व्यक्तिगत लोन हासिल किए थे। शुरुआत में ईएमआई का भुगतान किया गया, लेकिन बाद में किस्तें बंद होते ही धोखाधड़ी का खुलासा हुआ।
पुलिस सत्यापन में सामने आया कि जिन कार्यालयों का उल्लेख दस्तावेजों में किया गया था, वहां आरोपियों या संबंधित व्यक्तियों ने कभी काम ही नहीं किया। मामले की जांच एसीपी राजपाल डबास की निगरानी में इंस्पेक्टर अक्षय और उनकी टीम कर रही थी। लगातार तकनीकी और मैनुअल प्रयासों के बाद पुलिस ने आरोपियों के ठिकानों का पता लगाकर उन्हें गिरफ्तार किया।
पूछताछ में सामने आया कि आरोपी गिरोह आम लोगों को झांसे में लेकर उनके नाम पर फर्जी दस्तावेज तैयार करता था। इसके बाद अलग-अलग बैंकों में खाते खुलवाकर अपनी फर्जी कंपनियों से कुछ महीनों तक वेतन के रूप में पैसा ट्रांसफर किया जाता था। जैसे ही बैंक की ओर से लोन का ऑफर मिलता, आरोपी फर्जी कागजातों के आधार पर लोन मंजूर करवा लेते थे।
कुछ समय तक ईएमआई चुकाने के बाद लोन की रकम आपस में बांट ली जाती थी और जिस व्यक्ति के नाम पर लोन लिया जाता था, उसे मामूली रकम देकर अलग कर दिया जाता था। पुलिस अब इस गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की तलाश कर रही है और मामले की आगे जांच जारी है।









