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डॉक्टर और नर्सों को नौकरी दिलाने का झांसा देकर ठगी, आठ गिरफ्तार

शाहदरा जिला पुलिस ने नोएडा में चल रहे फर्जी कॉल सेंटर का खुलासा किया। इसके साथ ही तीन महिलाओं समेत कुल आठ लोगों को गिरफ्तार कर लिया।

शाहदरा जिला के साइबर थाना पुलिस ने एक ऐसे कॉल सेंटर का खुलासा किया है जो डॉक्टर और नर्सों को नामी अस्पतालों में नौकरी दिलवाने का झांसा देकर ठगी कर रहा था। पुलिस ने नोएडा सेक्टर-10 में छापेमारी कर तीन महिलाओं समेत कुल आठ लोगों को गिरफ्तार कर लिया है।

पकड़े गए आरोपियों की पहचान गैंग सरगना प्रवींद्र कुमार झा और अमित कुमार के रूप में हुई है। इन लोगों ने अपने कॉल सेंटर में शिवकुमार, मो. नूरुलहक अंसारी, मोहित व तीन महिलाओं को टेलीकॉलर के रूप में रखा हुआ था।

गैंग क्वीकर जॉब्स से डाटा खरीदने के बाद बेरोजगार डॉक्टरों व नर्सों को कॉल कर उनसे रकम ऐंठता था। शुरुआती जांच के बाद पुलिस को पता चला है कि गैंग पिछले कुछ समय में 100 से अधिक लोगों से 30 लाख से अधिक की ठगी कर चुका है। पुलिस पकड़े गए आरोपियों से पूछताछ कर मामले की छानबीन कर रही है।

शाहदरा जिले के वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि दातों की डॉक्टर आयुषी डागा ने साइबर थाने में ठगी की शिकायत दी थी। पीड़िता ने बताया कि वह परिवार के साथ सूरजमल विहार में रहती है। पिछले दिनों उसके मोबाइल पर अंजान नंबर से किसी कुणाल त्रिपाठी नामक युवक की कॉल आई थी।

कुणाल ने बताया कि वह क्वीकर जॉब से बोल रहा है।उसके लिए मैक्स अस्पताल में दातों के डॉक्टर की नौकरी है। नौकरी के लिए अप्लाई करने के लिए उसे प्रक्रिया से गुजरना होगा। आयुषी ने आरोपी पर विश्वास कर लिया। इसके बाद आरोपियों ने पीड़िता से पहले 3500 रुपये रजिस्ट्रेशन के लिए मांगे। बाद में धीरे-धीरे पीड़ित से करीब 99 हजार रुपये ऐंठ लिये गए।

लेकिन इसके बाद भी पीड़िता को नौकरी नहीं मिली। आरोपी अलग-अलग मेल आईडी और मोबाइल नंबर से पीड़िता से संपर्क करते रहे। ठगी का अहसास होने पर पीड़िता ने मामले की शिकायत की। शाहदरा जिला पुलिस उपायुक्त आर.सत्यसुंदरम ने बताया कि आयुषी की शिकायत पर साइबर थाने में मामला दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी गई

पुलिस ने सबसे पहले उन खातों का पता किया जिनमें ठगी की रकम ट्रांसफर की गई थी। जांच के दौरान पता चला कि सारी रकम %फिनो पेमेंट बैंक% के तीन अलग-अलग खातों में ट्रांसफर हुई थी। तीनों खाते फर्जी कागजात के आधार पर खुले हुए थे। इन खातों से कैश सेक्टर-11 और सेक्टर-44 के अलग-अलग एटीएम से निकाल लिया गया था।

पुलिस ने कॉल करने वाले नंबरों के सीडीआर की जांच की तो पता चला कि कॉल सेक्टर-10 से की जा रही थी। पुलिस ने लोकल इंजेलिजेंस की मदद से छानबीन की तो पता चला कि सेक्टर-10 में जॉब दिलवाने का कॉल सेंटर चलाया जा रहा है। मंगलवार को पुलिस की टीम ने कॉल सेंटर पर छापेमारी की। वहां से सभी आठों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस पकड़े गए आरोपियों से पूछताछ कर मामले की छानबीन कर रही है।

पुलिस की पूछताछ में आरोपियों ने खुलासा किया है कि यह लोग क्वीकर से बेरोजगार डॉक्टर और नर्स का डाटा खरीदते थे। इसके बाद कॉल सेंटर में बैठे लोग उनको कॉल कर जॉब दिलवाने की बात करते थे। आरोपी पीड़ितों का भरोसा जीतने के लिए बड़े नामी अस्पताल के नाम से उनके मिलते-जुलते मेल आईडी से मेल करते थे। इसके बाद अलग-अलग मदों में रुपये लेने के बाद आरोपी अपने मोबाइल को बंद कर लिया करते थे। पिछले करीब दो सालों से इसी तरह ठगी की वारदातों को अंजाम दिया जा रहा था।

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