Delhi News: ड्रग तस्करी के लिए युवाओं की भर्ती, गिरफ्तारी से हुआ खुलासा
ड्रग्स के एक मामले में गिरफ्तार नाबालिग ने पूछताछ के दौरान बताया कि वह जिस व्यक्ति से नशीले पदार्थ खरीदता था, उसकी पहचान कर सकता है।

Delhi News: दिल्ली के उत्तर-पश्चिम जिले में मादक पदार्थों की तस्करी से जुड़ा एक गंभीर मामला सामने आया है। पुलिस जांच में खुलासा हुआ है कि एक कुख्यात अपराधी युवाओं को ड्रग सप्लाई के नेटवर्क में शामिल कर रहा था। इस पूरे मामले की परतें तब खुलीं, जब ड्रग्स के साथ पकड़े गए एक नाबालिग ने बाल न्यायालय में अहम जानकारी दी।
महेंद्र पार्क थाना पुलिस के अनुसार, ड्रग्स के एक मामले में गिरफ्तार नाबालिग ने पूछताछ के दौरान बताया कि वह जिस व्यक्ति से नशीले पदार्थ खरीदता था, उसकी पहचान कर सकता है। नाबालिग की निशानदेही पर पुलिस को यह जानकारी मिली कि आरोपी एक संगठित तरीके से ड्रग तस्करी का संचालन कर रहा था। पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, आरोपी की पहचान जहांगीरपुरी निवासी 47 वर्षीय आनंद राज उर्फ सागर के रूप में हुई है। आनंद राज का आपराधिक इतिहास काफी लंबा रहा है। वर्ष 1996 में उसके खिलाफ पहला मामला दर्ज हुआ था, जिसके बाद से वह लगातार आपराधिक गतिविधियों में शामिल रहा। उस पर शारीरिक हिंसा, आबकारी कानून और मादक पदार्थ अधिनियम के तहत कई मुकदमे दर्ज हैं।
जांच में सामने आया है कि आरोपी जेल से रिहा होने के बाद भी आपराधिक गतिविधियों से दूर नहीं हुआ। उसने आर्थिक लाभ के लिए दोबारा ड्रग्स की तस्करी शुरू कर दी और अपने नेटवर्क को मजबूत करने के लिए युवाओं को इसमें शामिल करने लगा। पुलिस का कहना है कि उसने अपने भाई को भी गैरकानूनी गतिविधियों में शामिल किया और संगठित रूप से मादक पदार्थों की बिक्री शुरू की।
लगातार अपराधों में लिप्त रहने के कारण आरोपी से इलाके की सार्वजनिक सुरक्षा को गंभीर खतरा पैदा हो गया था। पुलिस के अनुसार, आरोपी जमानत पर बाहर आने के बाद फिर से उसी तरह के अपराधों में सक्रिय हो जाता था। वर्ष 2024 में उसके खिलाफ छेड़छाड़ और पॉक्सो एक्ट के तहत भी मामला दर्ज किया गया था।
नाबालिग के बयान और अन्य सबूतों के आधार पर पुलिस का मानना है कि आरोपी एक संगठित ड्रग-तस्करी सिंडिकेट चला रहा था। इस मामले में बीएनएस की धारा 111 के तहत कार्रवाई की जा रही है, जिसमें दोष सिद्ध होने पर आरोपी को पांच साल से लेकर आजीवन कारावास तक की सजा और पांच लाख रुपये तक का जुर्माना हो सकता है। फिलहाल पुलिस आरोपी की तलाश में जुटी है और उसके नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की पहचान करने की कोशिश कर रही है।









