Mumbai News: हाई-प्रोफाइल जगह पर पहुंचा युवक, खुला चौंकाने वाला राज!
पर प्रवेशमुंबई के बांद्रा कुर्ला कॉम्प्लेक्स यानी BKC स्थित जियो वर्ल्ड प्लाजा में प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) से जुड़े अधिकारी के तौर करने.....

पर प्रवेशमुंबई के बांद्रा कुर्ला कॉम्प्लेक्स यानी BKC स्थित जियो वर्ल्ड प्लाजा में प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) से जुड़े अधिकारी के तौर करने की कथित कोशिश के मामले में 24 वर्षीय कारोबारी रोहन पारिख को गिरफ्तार किया गया। पुलिस के मुताबिक, पारिख ने सुरक्षा जांच के दौरान PMO की एक कथित फर्जी पहचान पत्र दिखाया था।
मामला प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संभावित दौरे से ठीक पहले का है। पुलिस का आरोप है कि पारिख अपने निजी सुरक्षा गार्ड दिलीप कुंडे के साथ मॉल परिसर में प्रवेश करने की कोशिश कर रहा था। कुंडे के पास कथित तौर पर हथियार भी था।
ChatGPT का इस्तेमाल कर दस्तावेज तैयार करने का आरोप
पुलिस के अनुसार, पूछताछ के दौरान पारिख से उसके कथित फर्जी दस्तावेजों के बारे में जानकारी जुटाई गई। जांच में यह भी सामने आया कि वह 2025 से ChatGPT का इस्तेमाल कर PMO से जुड़े बताए जा रहे दस्तावेज और पत्र तैयार करने की कोशिश कर रहा था। पुलिस का कहना है कि कथित तौर पर इन दस्तावेजों का इस्तेमाल खुद को प्रभावशाली दिखाने और आसपास मौजूद लोगों पर प्रभाव डालने के लिए किया जाता था। हालांकि, जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि फर्जी पहचान और दस्तावेज तैयार करने के पीछे उसका कोई अन्य उद्देश्य तो नहीं था।
पुलिस ने कोर्ट में क्या कहा?
मामले की जांच कर रही क्राइम इंटेलिजेंस यूनिट (CIU) ने रोहन पारिख की आगे की पुलिस हिरासत की मांग नहीं की। एजेंसी ने अदालत को बताया कि अभी इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस और मामले से जुड़े अन्य सबूतों की जांच की जानी है। पुलिस यह भी पता लगाना चाहती है कि पारिख ने कथित फर्जी PMO दस्तावेजों का इस्तेमाल किसी दूसरे काम के लिए तो नहीं किया। मामले में 37वें मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट डीएस खेडेकर की अदालत ने रोहन पारिख और उसके निजी सुरक्षा गार्ड दिलीप कुंडे को न्यायिक हिरासत में भेज दिया।
17 सितंबर तक पुलिस से मांगा गया जवाब
बचाव पक्ष की ओर से अदालत में जमानत की प्रक्रिया आगे बढ़ाने के लिए पुलिस का जवाब मांगा गया। इसके बाद अदालत ने पुलिस को 17 सितंबर तक अपना जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया। पारिख और कुंडे की ओर से जमानत याचिका भी दाखिल किए जाने की जानकारी सामने आई है। मामले की अगली सुनवाई पुलिस के जवाब के बाद होगी।
पारिख के घर से क्या मिला?
पुलिस ने बताया कि खार स्थित पारिख के घर की तलाशी के दौरान एक लैपटॉप, हार्ड ड्राइव और PMO से संबंधित बताए जा रहे कुछ दस्तावेज बरामद किए गए। जांच के दौरान उसके मोबाइल फोन से जुड़े डेटा की भी पड़ताल की गई। पुलिस के मुताबिक, Google Takeout से मिले डेटा में PMO से संबंधित कथित पत्राचार तैयार करने को लेकर सर्च हिस्ट्री मिली है। जांच एजेंसी अब इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों से प्राप्त जानकारी को मामले से जोड़कर देख रही है।
जियो वर्ल्ड प्लाजा में ऐसे हुई कार्रवाई
पुलिस के अनुसार, 7 सितंबर को रोहन पारिख ने जियो वर्ल्ड प्लाजा के सुरक्षा कर्मचारियों को अपने मोबाइल फोन पर PMO का कथित पहचान पत्र दिखाया था। वह अपने निजी सुरक्षा गार्ड दिलीप कुंडे के साथ परिसर में दाखिल होने की कोशिश कर रहा था। पुलिस के मुताबिक, कुंडे पहले सेना में रह चुका है और उस समय पारिख की निजी सुरक्षा में तैनात था। इसी दौरान पुलिस ने दोनों को हिरासत में ले लिया। उनके साथ मौजूद तीसरा व्यक्ति प्रथमेश बागुल मौके से निकलने में कामयाब रहा। पुलिस के मुताबिक, बागुल अभी फरार है और उसकी तलाश की जा रही है।
हथियार को लेकर भी जांच
जांच में सुरक्षा गार्ड दिलीप कुंडे के पास मौजूद कथित हथियार का मुद्दा भी सामने आया है। पुलिस के अनुसार, कुंडे ने पूछताछ में बताया कि हथियार निजी इस्तेमाल के लिए हासिल किया गया था। हालांकि, पुलिस का आरोप है कि पारिख को सुरक्षा देने के दौरान उस हथियार का इस्तेमाल व्यावसायिक काम के लिए किया जा रहा था। अब एजेंसी हथियार से जुड़े दस्तावेज और उसकी वैधता की भी जांच कर रही है।
11 सितंबर तक पुलिस हिरासत में थे आरोपी
गिरफ्तारी के बाद दोनों आरोपियों को शुरुआती तौर पर 11 सितंबर तक पुलिस हिरासत में भेजा गया था। इसके बाद CIU ने आगे की कस्टडी की मांग नहीं की।
अब जांच एजेंसी इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की फोरेंसिक जांच और कथित हथियार से संबंधित जांच आगे बढ़ा रही है। साथ ही पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि कथित फर्जी PMO पहचान पत्र और दस्तावेजों का इस्तेमाल सिर्फ जियो वर्ल्ड प्लाजा में प्रवेश के लिए किया गया था या इसके पीछे कोई और मकसद भी था।









