Passport Fraud: भारतीय बनकर हांगकांग गया बांग्लादेशी, दिल्ली में गिरफ्तार
आगे की जांच में सामने आया कि यात्री असल में बांग्लादेश का नागरिक है और उसने कथित तौर पर अपनी पहचान छिपाकर भारतीय दस्तावेज हासिल किए थे।

हांगकांग से निर्वासित किए जाने के बाद दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे पहुंचे एक यात्री की पहचान को लेकर बड़ा खुलासा हुआ है। इमिग्रेशन जांच के दौरान उसके भारतीय पासपोर्ट पर संदेह हुआ। आगे की जांच में सामने आया कि यात्री असल में बांग्लादेश का नागरिक है और उसने कथित तौर पर अपनी पहचान छिपाकर भारतीय दस्तावेज हासिल किए थे।
यात्री की पहचान सुजन बरुआ के तौर पर हुई है। जांच के दौरान उसके मोबाइल फोन से बांग्लादेश से जुड़े पहचान दस्तावेज और जन्म पंजीकरण प्रमाणपत्र मिलने के बाद मामले की जानकारी पुलिस को दी गई। इसके बाद आईजीआई एयरपोर्ट थाना पुलिस ने उसके खिलाफ कथित फर्जीवाड़े का मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया। अब पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि उसे भारतीय पहचान से जुड़े दस्तावेज किस तरह मिले और भारतीय पासपोर्ट तैयार कराने में किसी अन्य व्यक्ति या संगठित गिरोह की भूमिका थी या नहीं।
हांगकांग से लौटते ही इमिग्रेशन जांच में हुआ शक
पुलिस के मुताबिक, 31 अगस्त की रात करीब 1:50 बजे सुजन बरुआ हांगकांग से दिल्ली के आईजीआई एयरपोर्ट के टर्मिनल-3 पर पहुंचा था। वह हांगकांग से निर्वासित होकर भारत आया था। एयरपोर्ट पर नियमित इमिग्रेशन प्रक्रिया के दौरान उसके पास मौजूद भारतीय पासपोर्ट की जानकारी अधिकारियों को संदिग्ध लगी। इसके बाद यात्री से पूछताछ की गई और उसके डिजिटल डिवाइस की जांच की गई। इसी जांच के दौरान अधिकारियों को ऐसे दस्तावेज मिले, जिनसे उसके बांग्लादेशी नागरिक होने का संकेत मिला। दस्तावेजों में उसका जन्मस्थान भी बांग्लादेश दर्ज था।
फोन से मिले दस्तावेजों ने खोला राज
जांच एजेंसियों को उसके फोन में बांग्लादेशी पहचान पत्र और जन्म पंजीकरण से संबंधित रिकॉर्ड मिले। इन दस्तावेजों के आधार पर उसकी पहचान सुजन बरुआ के रूप में की गई। पुलिस को शक है कि उसने कथित तौर पर अपनी वास्तविक नागरिकता छिपाकर भारतीय पहचान से जुड़े दस्तावेज हासिल किए। बाद में इन्हीं दस्तावेजों के आधार पर भारतीय पासपोर्ट बनवाकर विदेश यात्रा की गई।
अब पासपोर्ट बनवाने की प्रक्रिया की जांच
मामला सामने आने के बाद पुलिस सिर्फ यात्री से पूछताछ तक सीमित नहीं है। जांच का अगला फोकस इस बात पर है कि उसे भारतीय पहचान साबित करने वाले दस्तावेज कहां से मिले। पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि फर्जी दस्तावेज तैयार कराने या पासपोर्ट बनवाने में किसी बिचौलिए, अन्य व्यक्ति या गिरोह की भूमिका थी या नहीं। एयरपोर्ट पुलिस उपायुक्त विचित्र वीर के अनुसार, आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच आगे बढ़ाई जा रही है।
हांगकांग में क्यों हुआ था निर्वासन, इसकी भी होगी जांच
चूंकि यात्री हांगकांग से निर्वासित होकर दिल्ली पहुंचा था, इसलिए जांच एजेंसियां उसके वहां के रिकॉर्ड और यात्रा से जुड़ी जानकारी को भी खंगाल सकती हैं। इससे यह पता लगाने में मदद मिल सकती है कि उसने किस पहचान के आधार पर विदेश यात्रा की और भारतीय पासपोर्ट का इस्तेमाल कैसे किया। फिलहाल पुलिस का मुख्य उद्देश्य भारतीय दस्तावेज हासिल करने की पूरी कड़ी का पता लगाना है। यदि किसी अन्य व्यक्ति या नेटवर्क की भूमिका सामने आती है, तो उसके खिलाफ भी कार्रवाई की जा सकती है।
जांच में सामने आएगा पूरा नेटवर्क
दिल्ली एयरपोर्ट पर पकड़े गए इस मामले ने भारतीय पहचान और पासपोर्ट से जुड़े दस्तावेजों की सुरक्षा पर भी सवाल खड़े किए हैं। पुलिस अब आरोपी से पूछताछ के साथ उसके दस्तावेजों और डिजिटल रिकॉर्ड की जांच कर रही है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि कथित फर्जीवाड़ा अकेले किया गया था या इसके पीछे कोई बड़ा नेटवर्क मौजूद है।









