Professor Murder: प्रॉपर्टी के लिए रची खौफनाक साजिश, दंपति गिरफ्तार
दिल्ली के वसुंधरा एन्क्लेव स्थित सत्यम अपार्टमेंट में 3 जून को हुई दिल्ली विश्वविद्यालय की Assistant Professor देबोस्मिता पॉल (39)...

दिल्ली।
दिल्ली के वसुंधरा एन्क्लेव स्थित सत्यम अपार्टमेंट में 3 जून को हुई दिल्ली विश्वविद्यालय की Assistant Professor देबोस्मिता पॉल (39) की निर्मम हत्या के मामले में पुलिस ने पश्चिम बंगाल से फरार चल रहे किरायेदार दंपती राम प्रसाद दास और उसकी पत्नी बनश्री दास को गिरफ्तार कर लिया है। जांच के दौरान हुए खुलासों ने इस सनसनीखेज Murder Case के पीछे छिपी एक बड़ी साजिश को उजागर कर दिया है।
पुलिस पूछताछ में आरोपी राम प्रसाद ने कबूल किया कि उसने करीब डेढ़ महीने पहले ही प्रोफेसर देबोस्मिता की हत्या की Planning शुरू कर दी थी। उसका मकसद पश्चिम बंगाल के बर्धवान स्थित प्रोफेसर की करोड़ों रुपये की Property पर कब्जा जमाना था।
जांच में सामने आया है कि राम प्रसाद पिछले तीन वर्षों से प्रोफेसर के बर्धवान स्थित लगभग 1200 गज के मकान में किराए पर रह रहा था। इस Property की कीमत करोड़ों रुपये बताई जा रही है। जब प्रोफेसर देबोस्मिता ने उससे मकान खाली करने को कहा और कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी, तभी आरोपी की नीयत बदल गई और उसने हत्या की साजिश रचनी शुरू कर दी।
Police Investigation के अनुसार, आरोपी दंपती ने अपने 13 वर्षीय बेटे के साथ दो बार दिल्ली आकर प्रोफेसर के घर की रेकी की थी। इस दौरान उन्होंने घर की तस्वीरें भी खींचीं और Entry-Exit Points का अध्ययन किया। योजना को अंतिम रूप देने के बाद वे 1 जून को दिल्ली पहुंचे और 2 जून को दल्लूपुरा के एक Guest House में ठहरे।
वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपियों ने अपने कपड़े बदले और लिफ्ट के जरिए नीचे उतरकर एक Cab से आनंद विहार पहुंचे। वहां से उन्होंने ऑटो लेकर नई दिल्ली रेलवे स्टेशन का रुख किया। स्टेशन पहुंचने पर उन्होंने दोबारा कपड़े बदले, General Ticket खरीदा और पूर्वा एक्सप्रेस से पश्चिम बंगाल के लिए रवाना हो गए।
हालांकि, उनकी यह पूरी Escape Plan ज्यादा देर तक सफल नहीं हो सकी। नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर बनश्री द्वारा घबराहट में मास्क हटाने के बाद उसकी तस्वीर CCTV Footage में कैद हो गई। इसी सुराग के आधार पर पुलिस ने आरोपियों का पीछा शुरू किया।
4 जून को आरोपी परिवार बर्धवान पहुंचा, जहां से वे पैदल बाजार गए, अपनी स्कूटी ली और घर पहुंच गए। पुलिस लगातार उनकी गतिविधियों पर नजर बनाए हुए थी और आखिरकार रविवार को उन्हें उनके घर से गिरफ्तार कर लिया गया।
गिरफ्तारी के दौरान पुलिस ने प्रोफेसर देबोस्मिता का मोबाइल फोन, 25 महंगी घड़ियां, पश्चिम बंगाल पुलिस का फर्जी Identity Card, टीटी की Name Plate समेत कई अन्य सामान बरामद किए। शुरुआती जांच में यह भी सामने आया है कि राम प्रसाद पहले भी चोरी और ठगी जैसी गतिविधियों में शामिल रहा है, हालांकि वह कभी कानून के शिकंजे में नहीं आया था।
पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह Sanitary Material का काम करता है और अक्सर दिल्ली आता-जाता था। वर्ष 2023 में उसने एक परिचित के माध्यम से प्रोफेसर के मकान के दो कमरे 5 हजार रुपये मासिक किराए पर लिए थे। बाद में उसने पूरा मकान 11 हजार रुपये प्रति माह पर अपने कब्जे में ले लिया। जब मकान खाली करने का दबाव बढ़ा तो उसने हत्या की साजिश रच डाली।
Police Sources के अनुसार, वारदात वाली रात राम प्रसाद और बनश्री अपने 13 वर्षीय बेटे के सामने ही प्रोफेसर की हत्या करने पहुंचे थे। वे अपने बैग में कई जोड़ी कपड़ों के अलावा मूसली और उस्तरा भी लेकर आए थे। आरोपी ने प्रोफेसर पर अचानक हमला किया और गंभीर चोटें पहुंचाईं, जिसके बाद उनकी मौत हो गई।
फिलहाल पुलिस यह भी जांच कर रही है कि इस पूरे हत्याकांड में आरोपी दंपती के नाबालिग बेटे की कोई भूमिका थी या नहीं। शुरुआती जांच में उसे केवल माता-पिता के साथ मौजूद बताया गया है। कानूनी सलाह के बाद ही उसके संबंध में आगे की कार्रवाई तय की जाएगी। इस सनसनीखेज Murder Conspiracy की जांच अभी जारी है और पुलिस मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की भी गहन पड़ताल कर रही है।
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