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एनजीओ संचालिका हिना के कारनामे, मासूमों का करती थी सौदा

किसी को भी यकीन नहीं हो रहा कि उनके साथ कई साल से काम कर रही महिला इस तरह के काम में शामिल पाई गई है। जवाहर कॉलोनी में आरोपी महिला के घर के...

बच्चे की खरीद-फरोख्त में शामिल एनजीओ संचालिका हिना के कारनामे सुनकर उसके जानने वाले भी हैरान हो गए हैं। किसी को भी यकीन नहीं हो रहा कि उनके साथ कई साल से काम कर रही महिला इस तरह के काम में शामिल पाई गई है। जवाहर कॉलोनी में आरोपी महिला के घर के आसपास के लोग इसी बारे में बात कर रहे हैं।

सेवा वाहन के संचालक सतीश चोपड़ा का कहना है कि वह कई बार हिना से सामाजिक कार्यों के दौरान मिले थे। करीब एक साल पहले उसने सिलाई सेंटर की शुरूआत की थी। उन्हें कभी नहीं लगा कि हिना ऐसा कोई काम कर सकती है। बच्चा बेचने वाली खबर सुनने के बाद उसे जानने वाले सभी हैरान हैं।

क्राइम ब्रांच की टीम ने बुधवार की देर शाम हिना माथुर के घर से महत्वपूर्ण दस्तावेज और बैंक खातों के दस्तावेज जब्त किए। हिना के एनजीओ का कार्यालय उसके घर पर ही है। यह भी जानने की कोशिश की जा रही है कि एनजीओ के जो और सदस्य हैं, क्या वह भी इस घटना के बारे में जानते थे या नहीं।

इसके अलावा कोसीकलां में जो एनजीओ है, वह उनकी मां के द्वारा चलाया जाता है। बताया जा रहा है कि आरोपी ने फेसबुक पर भी बच्चे को बेचने की बात कही थी। बच्चों की खरीद-फरोख्त के मामले में पुलिस ने आरोपियों को पकड़ने के बाद दावा किया था कि एक बड़े गैंग का पर्दाफाश किया है।

पुलिस ने अदालत से आरोपियों के लिए दो दिन का रिमांड भी इसी आधार पर मांगा था कि आरोपियों ने इससे पहले कितने बच्चों को बेचा है, उनकी जानकारी लेनी है। एक दिन की जांच में ही पुलिस इस नतीजे पर पहुंच गई कि आरोपियों ने पहली बार ही बच्चा बेचने की कोशिश की है।आरोपी पांच साल से शहर में एनजीओ चला रहे हैं। इतने दिनों में आरोपियों ने पहली बार बच्चा बेचने की कोशिश की और पहली बार में ही पकड़े गए ये बात लोगों को हजम नहीं हो रही है।

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