दिल्ली एनसीआर

दिल्ली मेट्रो का नेटवर्क होगा 400 km पार, प्रगति के पथ पर रहेगी मेट्रो

दिल्ली मेट्रो में विकास देखा जा रहा है जहां अगले साल तक दिल्ली मेट्रो का नेटवर्क 400 किलोमीटर से अधिक लंबा हो जाने की उम्मीद है

दिल्ली मेट्रो कि शुरुवात बड़े उतार चढ़ाव में देखी गयी जहां 20 साल पहले 8.3 किलोमीटर क्षेत्र में शाहदरा से तीस हजारी के बीच मेट्रो शुरू की गयी थी लेकिन अब दिल्ली NCR के 392 किलोमीटर में पड़ने वाले 286 स्टेशनों पर यात्रियों को पूरी सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही है।

लेकिन अब दिल्ली मेट्रो में विकास धीरे – धीरे देखा जा रहा है जहां गुरुग्राम के रैपिड मेट्रो और एक्वा लाइन सहित कुल 12 अलग-अलग लाइनों पर रोजाना 50 लाख से अधिक यात्री यात्रा कर रहे हैं। साथ ही इसको और भी लोगों के ट्रेवल करने के लिए फेज-4 के तीनों कॉरिडोर पर मेट्रो निर्माण का कार्य तेजी से चलाया जा रहा है।

बता दें कि दिल्ली मेट्रो में ऐसे बहुत विकास हो रहे है जिसमे मेट्रो द्वारा Indigenous Technology से दो लाइनों पर ड्राइवर लेस मेट्रो की शुरुआत भी हो चुकी है। इतना ही नहीं अगले कुछ वर्षों में दिल्ली की जीवन रेखा के साथ मेट्रो लाइट, नियो मेट्रो, नेशनल कॉमन मोबिलिटी कार्ड ( NCMC ) सहित सेंट्रल विस्टा परियोजना में लूप कॉरिडोर के जुड़ने से यात्रियों की सहूलियतें बढ़ जाएंगी।

रिंग कॉरिडोर की है तैयारी

कोरोना में सारी चीज़ो पर पाबंदिया थी लेकिन मेट्रो का काम फिर भी तेज़ी से चलता रहा जिससे पिंक लाइन के 58.6 किलोमीटर में पड़ने वाले 38 स्टेशनों के चलते यह दिल्ली का सबसे लंबा मेट्रो कॉरिडोर बन गया। साथ ही मजलिस पार्क और शिव विहार के बीच मेट्रो सेवाएं शुरू होने से यात्रियों को देश के सबसे लंबे कॉरिडोर पर सफर करने का मौका मिल रहा है। इतना ही नहीं मौजपुर-मजलिस पार्क पर फेज-4 के तहत कॉरिडोर निर्माण का काम तेजी से चल रहा है, इसके पूरा होने से पिंक लाइन का एक रिंग कॉरिडोर बन जाएगा जिससे यात्रियों के दिल्ली के किसी कोने से दूसरे कोने में पहुंचने का मौका मिलेगा।

आत्मनिर्भर भारत की तरफ बढ़ते कदम

आत्मनिर्भर योजना के तहत दिल्ली मेट्रो भी अपनी दिशा उसकी तरफ ले जा रही है जहां दिल्ली मेट्रो का नाम दुनिया के लीडिंग मेट्रो नेटवर्क में देखा जाता है। साथ ही रिपोर्ट्स द्वारा बताया जा रहा है कि अगले साल तक दिल्ली मेट्रो का नेटवर्क 400 किलोमीटर से अधिक लंबा हो जाने की उम्मीद है। ऐसे में फेज-4 के तीनों कॉरिडोर पर करीब 65 किलोमीटर में मेट्रो निर्माण में अत्याधुनिक तकनीक का इस्तेमाल किया जा रहा है। ताकि, प्रोजेक्ट को पूरा करने में ज्यादा देरी न हो।

ये हैं खूबियां

  • ISO 14001 प्रमाण-पत्र अर्जित करने में सफल रही है, जो सुरक्षा और पर्यावरण की दृष्टि से काफी महत्वपूर्ण है
  • सितंबर 2011 में संयुक्त राष्ट्र ने ग्रीन हाउस गैसों में कमी लाने के लिए दिल्ली मेट्रो को दुनिया का पहला कार्बन क्रेडिट दिया। इसके तहत, उसे सात सालों के लिए 95 लाख डॉलर मिलेंगे
  • पिंक और मजेंटा लाइन पर ड्राइवर लेस मेट्रो का परिचालन हो रहा है। फेज-4 की सभी कॉरिडोर पर ड्राइवर लेस मेट्रो चलेगी
  • यमुना पर लगातार बन रहे हैं पुल, सिग्नेचर ब्रिज के ऊपर भी पुल का निर्माण किया जा रहा है

दिल्ली की 10 लाइनों पर मेट्रो सेवाएं

  • ब्लू लाइन-द्वारका सेक्टर-21 से नोएडा इलेक्ट्रॉनिक सिटी
  • ब्लू लाइन-यमुना बैंक से वैशाली
  • रेड लाइन-शहीद स्थल-रिठाला
  • येलो लाइन-समयपुर बादली-हुडा सिटी सेंटर
  • ग्रीन लाइन-इंद्रलोक/कीर्ति नगर-बिग्रेडियर होशियार सिंह
  • वॉयलेट-कश्मीरी गेट-राजा नाहर सिंह
  • एयरपोर्ट एक्सप्रेस-द्वारका सेक्टर-21 से नई दिल्ली
  • पिंक : मजलिस पार्क-शिव विहार
  • मजेंटा लाइन-जनकपुरी पश्चिम-बॉटेनिकल गार्डन
  • ग्रे लाइन-द्वारका-ढांसा बस स्टैंड
  • रैपिड मेट्रो, एक्वा लाइन पर भी मेट्रो का एनसीआर के शहरों में परिचालन हो रहा है

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Abhishikt Masih

अभिषिक्त मसीह तेज़ तर्रार न्यूज़ चैनल में बतौर कंटेंट राइटर कार्य कर रहे है। इन्होने अपने लेख से सच्ची घटनाओं को लिखकर लोगों को जागरूक किया है।

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