Alert: SSB में शराबी सैनिकों की सूची तैयार, जल्द हो सकती है कार्रवाई
नेपाल और भूटान की सीमाओं की सुरक्षा करने वाले सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) ने शराब की लत वाले सैनिकों को सेवा से हटाने का अभियान शुरू कर दिया है।

Alert: नेपाल और भूटान की खुली सीमाओं की सुरक्षा करने वाले सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) ने शराब की लत वाले सैनिकों को सेवा से हटाने का अभियान शुरू कर दिया है। अधिकारियों के अनुसार, कम से कम 50 ऐसे मामलों की पहचान की गई है, जिनमें सैनिकों को सेवा से हटाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
सूत्रों के अनुसार, 8 से 10 कर्मियों को चिकित्सा और कानूनी जांच के बाद पिंक स्लिप दे दी गई है, जबकि बाकी सैनिकों के खिलाफ समान प्रक्रियाएं जारी हैं। इन सैनिकों को लंबे समय से शराब की अत्यधिक लत के चलते ‘अल्कोहल डिपेंडेंसी सिंड्रोम’ (एडीएस) में वर्गीकृत किया गया है। अधिकारियों ने बताया कि शराब की लत वाले सैनिक अपनी सुरक्षा, सहयोगियों और आम जनता के लिए खतरा बन सकते हैं। एसएसबी के कैंपों में बंदूकें उपलब्ध होने के कारण यह जोखिम और बढ़ जाता है।
एसएसबी के महानिदेशक संजय सिंघल ने समयबद्ध कार्रवाई का निर्देश दिया है। इसके तहत इन सैनिकों की चिकित्सा श्रेणी को ‘फिट’ से घटाकर ‘लोअर मेडिकल कैटेगरी’ (एलएमसी) में लाया जाएगा। एलएमसी वाले सैनिकों को संचालन संबंधी जिम्मेदारियों से मुक्त कर दिया जाएगा। एसएसबी 90,000 कर्मियों वाली केंद्रीय सुरक्षा बल है, जो नेपाल (1,751 किलोमीटर) और भूटान (699 किलोमीटर) के साथ बिना बाड़ वाली अंतरराष्ट्रीय सीमाओं की सुरक्षा करता है। ऐसे संवेदनशील क्षेत्रों में शराबी सैनिकों को सेवा में बनाए रखना सुरक्षा के लिहाज से गंभीर खतरा है।
अधिकारियों का कहना है कि यह कदम बल की कार्यक्षमता और अनुशासन को बनाए रखने के लिए बेहद जरूरी है। शराब पर निर्भर सैनिकों की पहचान कर उन्हें हटाने से न केवल सीमा सुरक्षा मजबूत होगी, बल्कि जवानों की दक्षता और पेशेवर रवैया भी सुनिश्चित होगा।









