दिल्ली

इस नदी में डुबकी लगाने से दूर हो जाते हैं सारे चर्म रोग

हमारे भारत में एक से बढ़ कर एक रहस्यमई मंदिर है. सबकी अपनी मान्यता है सबके पीछें की घटित सच्ची घटना भी है. कहा जाता है की भारत की अनोखी मंदिरों के दर्शन करने दूर - दूर से लोग आते है.

हमारे भारत में एक से बढ़ कर एक रहस्यमई मंदिर है. सबकी अपनी मान्यता है सबके पीछें की घटित सच्ची घटना भी है. कहा जाता है की भारत की अनोखी मंदिरों के दर्शन करने दूर – दूर से लोग आते है. अब आपको हम एक ऐसी मंदिर के बारे में बताने जा रहे है जिसके बारे में जानने के बाद आप इसे अंधविस्वास समझे या आस्था जी हां झारखण्ड के हज़ारीबाग के बलबल धाम नदी है.
उस गाँव के लोगो का कहना है की यहाँ इस नदी में नहाने से चर्म रोग से जुड़ीं सारी परेशानी दूर हो जाती है. इस नदी में नहाने के बाद लोगो को हनुमान जी पूजा की जाती है.

जिसे सामान्य दाद, खाज, खुजली जैसी चर्मरोग है उसे इस नदी में के बार नहाने से सारी परेशनी ख़त्म हो जाती है.लेकिन जिसे ज्यादा मात्रा में चर्मरोग है उसको तीन बार इस बलबल धाम नदी में नहाना पड़ता है और नहाने के बाद जब वो ठीक हो जाता हैं तो हनुमानजी की परिक्रमा करनी पड़ती है. यहाँ पार नहाने के लिए दूर दूर से लोग आते है. यहाँ तक की इसकी मिट्टी का उपयोग औरते बहुत मात्रा में करती है इससे उनकी चहरे के मुहांसे ख़त्म हों जाती है.

इस नदी में नहाने के लिए सबसे पहले आपको इसकी गिली मिट्टी को शरीर पर लगाया जाता है. उसके बाद नदी में नहाया जाता है नहाते समय हनुमानजी का नाम लिया जाता है. कुछ लोग इसे अंधविश्वास का नाम भी देते है लेकिन जब सच्चाई देखते है तो इसे आस्था मानते है. चर्मरोग से जुडी परेशानी ख़त्म करवाने के लिए यहाँ विदेशो से भी लोग आते है और मात्र नहाने से सारी तकलीफ ख़त्म होती है.
इस गांव के लोगो का कहना है की ये नदी 10 फीट गहरी है. लेकिन आज तक कितना भी गर्मी पड़ जाये इस नदी में कभी भी पानी कम नहीं होता है, यहाँ तक की ये भीं कहा जाता है की जो दुधारू गाय इस नदी का पानी पीती है तो दूध देना कम कर देती है.

Accherishtey

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