CJP Protest: Facial Recognition वाले दावे पर Delhi Police का जवाब
CJP Protest के बाद सोशल मीडिया पर वायरल Facial Recognition Technology के दावे को दिल्ली पुलिस ने पूरी तरह गलत बताया।

Delhi Police Facial Recognition Technology: दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए CJP Protest के बाद सोशल मीडिया पर एक दावा तेजी से वायरल हुआ। इसमें कहा गया कि दिल्ली पुलिस प्रदर्शन में शामिल लोगों की पहचान करने के लिए Facial Recognition Technology (FRT) का इस्तेमाल कर रही है। हालांकि, दिल्ली पुलिस ने इस दावे को पूरी तरह गलत और भ्रामक बताते हुए आधिकारिक स्पष्टीकरण जारी किया है।
क्या था वायरल दावा?
दरअसल सोशल मीडिया के कई प्लेटफॉर्म पर पोस्ट शेयर किए जा रहे थे, जिनमें ये दावा किया गया कि CJP Protest में शामिल लोगों की पहचान Facial Recognition Technology की मदद से की जा रही है और उनके खिलाफ कार्रवाई होगी। इस दावे के वायरल होने के बाद लोगों के बीच भ्रम की स्थिति पैदा हो गई।
Delhi Police ने क्या कहा?
अब इस मामले पर दिल्ली पुलिस ने अपने आधिकारिक बयान में साफ किया कि CJP Protest के मामले में प्रदर्शनकारियों की पहचान के लिए Facial Recognition Technology का इस्तेमाल नहीं किया जा रहा है।
आपकों बता दें पुलिस ने कहा कि सोशल मीडिया पर प्रसारित की जा रही ऐसी जानकारी पूरी तरह फर्जी और भ्रामक है। इसके साथ ही लोगों से अपील की गई है कि वे बिना पुष्टि किए किसी भी पोस्ट या अफवाह पर यकीन न करें और न ही उसे आगे साझा करें।
FACT CHECK : FAKE NOTICE ❌
A fake notice purportedly issued by Delhi Police falsely claims that Delhi Police is using a facial recognition system to harass people and unlawfully restrict their freedom.
This claim is false and misleading. Delhi Police has not unlawfully… pic.twitter.com/TCdwtnZGEp
— Delhi Police (@DelhiPolice) July 26, 2026
गलत जानकारी फैलाने वालों पर होगी कार्रवाई
जानकारी के मुताबिक दिल्ली पुलिस ने चेतावनी दी है कि सोशल मीडिया पर अफवाह या गलत जानकारी फैलाना कानूनन अपराध हो सकता है। यदि कोई व्यक्ति जानबूझकर फर्जी सूचना फैलाता है, तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।
पुलिस ने लोगों से जिम्मेदारी के साथ सोशल मीडिया का उपयोग करने और केवल आधिकारिक स्रोतों से मिली जानकारी पर भरोसा करने की अपील की है।
जांच अपने तय नियमों के तहत जारी
दिल्ली पुलिस के मुताबिक, CJP Protest से जुड़े मामलों की जांच कानून और निर्धारित प्रक्रियाओं के अनुसार की जा रही है। जांच के दौरान उपलब्ध सबूतों और अन्य कानूनी तरीकों का उपयोग किया जा रहा है। Facial Recognition Technology के इस्तेमाल का दावा सही नहीं है।
पुलिस ने दी लोगों ये सलाह
- सोशल मीडिया पर वायरल हर जानकारी को सही न मानें।
- किसी भी खबर की पुष्टि आधिकारिक स्रोत से करें।
- फर्जी या भ्रामक पोस्ट को शेयर करने से बचें।
- अफवाह फैलाने से कानूनी कार्रवाई हो सकती है।
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