Dating App: डेटिंग ऐप के जरिए करते थे उगाही, 4 आरोपी गिरफ्तार
दिल्ली क्राइम ब्रांच ने Tinder और QuackQuack जैसे dating apps के जरिए लोगों को Honey Trap में फंसाकर उगाही करने वाले शातिर...

दिल्ली।
दिल्ली क्राइम ब्रांच ने Tinder और QuackQuack जैसे dating apps के जरिए लोगों को Honey Trap में फंसाकर उगाही करने वाले शातिर गिरोह का भंडाफोड़ किया है। Gang के सदस्य पहले dating apps पर fake female profiles बनाते थे और फिर लोगों को जाल में फंसाकर fake police raid के नाम पर लाखों रुपये की extortion करते थे। पुलिस ने इस मामले में नजफगढ़ निवासी सुशील कुमार, सोनीपत के दीपक उर्फ साजन, उत्तम नगर के विनोद पंडित और तिलक नगर के नीरज त्यागी उर्फ धीरू को गिरफ्तार किया है। वहीं gang में शामिल पूजा उर्फ कीर्ति और गगन अभी फरार हैं, जिनकी तलाश में लगातार raids की जा रही हैं।
क्राइम ब्रांच के DCP Pankaj Kumar के मुताबिक, शिकायतकर्ता Tinder के जरिए कीर्ति नाम की महिला के संपर्क में आया था। महिला ने उसे जनकपुरी स्थित Haldiram में मिलने बुलाया। मुलाकात के बाद वह उसे अपनी एक साथी के साथ एक flat में ले गई। कुछ देर बाद नकली police uniform पहने चार आरोपी वहां पहुंचे और युवक को rape case में फंसाने की धमकी देकर 15 लाख रुपये की demand करने लगे।
इसके बाद आरोपी युवक को जबरन अपनी Maruti Ciaz कार में बैठाकर शहरभर में घुमाते रहे और ATM से cash निकालने का दबाव बनाते रहे। पीड़ित की शिकायत के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर investigation शुरू की।
जांच के दौरान ASI अशोक को gang की गतिविधियों से जुड़ी अहम जानकारी मिली, जिसके बाद ACP नरेंद्र बेनीवाल की देखरेख और इंस्पेक्टर पवन कुमार के नेतृत्व में special team बनाई गई।
12 मई को पुलिस ने राजौरी गार्डन स्थित Kalyan Jewellers के पास trap बिछाया। इस दौरान संदिग्ध कार को रोकने की कोशिश की गई। मौके से तीन आरोपी फरार हो गए, लेकिन सुशील कुमार को पीड़ित के साथ गिरफ्तार कर लिया गया। गिरफ्तारी के वक्त आरोपी fake police uniform पहने हुए था। पूछताछ में सुशील ने अपने साथियों दीपक, विनोद, नीरज और कीर्ति के साथ मिलकर crime को अंजाम देने की बात कबूल की। उसकी निशानदेही पर बाकी तीन आरोपियों को भी गिरफ्तार कर लिया गया।
Investigation में खुलासा हुआ कि gang dating apps पर attractive fake profiles बनाकर लोगों को target करता था। महिला सदस्य पहले victims को public place पर बुलाती थीं और फिर बहाने से उन्हें किराए के कमरों या सुनसान जगहों पर ले जाया जाता था। वहां gang के बाकी सदस्य fake police raid कर victims को डराते और rape जैसे झूठे मामलों में फंसाने की धमकी देकर settlement के नाम पर मोटी रकम वसूलते थे।
पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी नीरज, विनोद और दीपक पहले भी Bindapur थाना इलाके में दर्ज इसी तरह के मामले में शामिल रह चुके हैं। वहीं सुशील कुमार को भी साल 2017 में इसी तरह के crime pattern वाले मामले में गिरफ्तार किया जा चुका है।
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