Delhi News: DTC ड्राइवरों की हड़ताल से मचा बवाल, क्यों नहीं चल रही बसें?
राजधानी दिल्ली में डीटीसी और परिवहन विभाग के बेड़े में शामिल बसों की सेवा ड्राइवरों की हड़ताल के चलते प्रभावित हुई है। कई डिपो से बसें.......

Delhi News: राजधानी दिल्ली में डीटीसी और परिवहन विभाग के बेड़े में शामिल बसों की सेवा ड्राइवरों की हड़ताल के चलते प्रभावित हुई है। कई डिपो से बसें सड़कों पर नहीं उतरीं, जबकि कुछ जगहों पर बसों के संचालन में रुकावट की खबर सामने आई। इसका सीधा असर रोजाना बस से सफर करने वाले यात्रियों पर पड़ा और उन्हें मेट्रो, ऑटो तथा कैब जैसे दूसरे साधनों का सहारा लेना पड़ा। रिपोर्टों के मुताबिक, हड़ताल में शामिल ड्राइवर वेतन बढ़ाने के साथ-साथ मेडिकल सुविधा, सामाजिक सुरक्षा, बोनस और अन्य कर्मचारी लाभों की मांग कर रहे हैं। ड्राइवरों का कहना है कि मौजूदा व्यवस्था में उन्हें उनकी जिम्मेदारियों और अनुभव के हिसाब से पर्याप्त सुविधाएं नहीं मिल रही हैं।
कई डिपो से बसों का संचालन प्रभावित
हड़ताल का असर दिल्ली के कई प्रमुख बस डिपो पर देखने को मिला। रिपोर्टों में बुराड़ी समेत कई डिपो से बस संचालन प्रभावित होने की बात कही गई है। बड़ी संख्या में बसें डिपो में खड़ी रहीं और ड्राइवरों ने काम पर जाने के बजाय विरोध प्रदर्शन में हिस्सा लिया। बसों की संख्या कम होने से कई रूटों पर यात्रियों को काफी देर तक इंतजार करना पड़ा। वहीं, कुछ यात्रियों ने भीड़ बढ़ने और वैकल्पिक परिवहन साधनों पर निर्भरता बढ़ने की शिकायत की। दिल्ली में डीटीसी बसें बड़ी संख्या में छात्रों, कर्मचारियों, मजदूरों और दूसरे दैनिक यात्रियों के लिए अहम सार्वजनिक परिवहन साधन हैं। ऐसे में बस सेवा प्रभावित होने का असर सीधे रोजमर्रा के आवागमन पर पड़ता है।
आखिर ड्राइवरों की क्या हैं मांगें?
हड़ताल कर रहे ड्राइवर मुख्य रूप से वेतन में बढ़ोतरी, मेडिकल सुविधा, सालाना बोनस और ओवरटाइम के भुगतान जैसी मांगें उठा रहे हैं। यूनियन की ओर से लंबे समय से इन मुद्दों को उठाए जाने की बात कही गई है। यूनियन से जुड़े प्रतिनिधियों का दावा है कि प्राइवेट ऑपरेटरों के जरिए काम करने वाले कई ड्राइवरों को अपेक्षाकृत कम वेतन पर काम करना पड़ता है। उनके मुताबिक, कर्मचारियों को मेडिकल इंश्योरेंस, पेड लीव, सामाजिक सुरक्षा और अन्य सुविधाओं को लेकर भी समस्याओं का सामना करना पड़ता है। ड्राइवरों से जुड़े प्रतिनिधियों ने यह भी सवाल उठाया है कि अगर कोई कर्मचारी बीमार हो जाए और उसे बीमारी के दौरान वेतन न मिले, तो उसके लिए काम करना आर्थिक मजबूरी बन सकता है। उनका कहना है कि बस ड्राइविंग जैसी जिम्मेदारी वाले काम में कर्मचारियों की स्वास्थ्य सुविधाओं को गंभीरता से लिया जाना चाहिए।
अनुभव और वेतन को लेकर भी उठी आवाज
यूनियन का दावा है कि लंबे समय से काम कर रहे कुछ ड्राइवरों को भी उनकी सेवा अवधि के अनुरूप वेतन और सुविधाएं नहीं मिल रही हैं। प्रतिनिधियों के अनुसार, कई कर्मचारियों ने 10 से 15 साल तक काम करने के बावजूद वेतन और सेवा शर्तों को लेकर असंतोष जताया है। यूनियन इन मुद्दों को लेकर प्रशासन और संबंधित अधिकारियों के सामने अपनी मांगें रखने की बात कह रही है। वहीं, हड़ताल के कारण यात्रियों को होने वाली परेशानी के बीच इन मांगों के समाधान को लेकर आगे की बातचीत महत्वपूर्ण होगी।
बुधवार तक जारी रहने का ऐलान
डीटीसी कर्मचारी एकता यूनियन की ओर से हड़ताल को आगे जारी रखने की बात कही गई है। यूनियन का कहना है कि जब तक वेतन, मेडिकल सुविधा और सामाजिक सुरक्षा से जुड़ी मुख्य मांगों पर समाधान नहीं निकलता, तब तक आंदोलन जारी रह सकता है।\ फिलहाल हड़ताल के चलते दिल्ली के कई इलाकों में बस सेवा प्रभावित है और यात्रियों को वैकल्पिक साधनों पर निर्भर रहना पड़ रहा है। आगे प्रशासन और यूनियन के बीच बातचीत होती है या नहीं और उससे बस सेवा सामान्य होती है या नहीं, इस पर यात्रियों की नजर बनी हुई है।









