Delhi Politics: AAP के दफ्तर के पते पर 58 कंपनियां, पार्टी ने मांगी जांच
पार्टी ने इस मामले को लेकर दिल्ली पुलिस और संबंधित GST अधिकारियों के पास शिकायत दर्ज कराई है। AAP का आरोप है कि उसके कार्यालय के पते का...

Delhi Politics: आम आदमी पार्टी (AAP) ने दावा किया है कि नई दिल्ली स्थित उसके राष्ट्रीय कार्यालय के पते का इस्तेमाल करते हुए 58 अज्ञात कारोबारों का GST पंजीकरण कराया गया है। पार्टी ने इस मामले को लेकर दिल्ली पुलिस और संबंधित GST अधिकारियों के पास शिकायत दर्ज कराई है। AAP का आरोप है कि उसके कार्यालय के पते का इस्तेमाल बिना अनुमति किया गया और पूरे मामले की जांच होनी चाहिए।
सौरभ भारद्वाज ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में उठाया मामला
AAP की दिल्ली इकाई के अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने मंगलवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान इस मामले की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि पार्टी के राष्ट्रीय कार्यालय, 1 कैनिंग लेन, नई दिल्ली के पते पर जुलाई से सितंबर के बीच 58 कारोबारों का GST रजिस्ट्रेशन कराया गया। भारद्वाज के मुताबिक, इन पंजीकरणों में आधार सत्यापन की प्रक्रिया भी पूरी किए जाने का दावा किया गया है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब यह पार्टी का राष्ट्रीय कार्यालय है, तो इस पते का इस्तेमाल इन कारोबारों के GST पंजीकरण के लिए कैसे किया गया।
पुलिस और GST विभाग से शिकायत
AAP नेता ने बताया कि पार्टी ने मामले की शिकायत GST के प्रिंसिपल चीफ कमिश्नर, दिल्ली के कमिश्नर, डिपार्टमेंट ऑफ ट्रेड एंड टैक्सेस और नई दिल्ली के पुलिस कमिश्नर से की है। पार्टी की मांग है कि संबंधित विभाग पूरे मामले की जांच करें और यह पता लगाया जाए कि इन कंपनियों का पंजीकरण किसने कराया और इसके लिए पार्टी के कार्यालय का पता किस तरह इस्तेमाल किया गया।
चुनाव से पहले साजिश का आरोप
सौरभ भारद्वाज ने आरोप लगाया कि इस पूरे मामले के पीछे राजनीतिक साजिश हो सकती है। उन्होंने कहा कि फरवरी 2027 में होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले ऐसी जानकारी सामने लाकर AAP को बदनाम करने की कोशिश की जा सकती है। उन्होंने आशंका जताई कि इन कंपनियों को AAP से जोड़कर यह प्रचार किया जा सकता है कि पार्टी कथित तौर पर शेल कंपनियों के जरिए चंदा हासिल करती है।
AAP ने केंद्र सरकार से मांगा जवाब
भारद्वाज ने केंद्र सरकार से सवाल किया कि आखिर AAP के राष्ट्रीय कार्यालय के पते पर इतनी बड़ी संख्या में कंपनियों का GST पंजीकरण कैसे हुआ। उन्होंने यह भी पूछा कि इन कंपनियों के पंजीकरण के दौरान आधार सत्यापन में किन लोगों की जानकारी और किन दस्तावेजों का इस्तेमाल किया गया। पार्टी ने मांग की है कि संबंधित एजेंसियां दस्तावेजों और सत्यापन प्रक्रिया की जांच करें और यह सामने लाएं कि इन कंपनियों को पंजीकृत कराने वाला व्यक्ति या संस्था कौन है।
अभी आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं
हालांकि, फिलहाल इन 58 कारोबारों को वास्तव में ‘शेल कंपनियां’ साबित करने वाली कोई स्वतंत्र पुष्टि सामने नहीं आई है। इसी तरह, इनके पंजीकरण के पीछे किसका हाथ है, यह भी जांच का विषय है। AAP की ओर से लगाए गए आरोपों पर संबंधित सरकारी विभागों या भाजपा की प्रतिक्रिया भी इस रिपोर्ट के आधार पर सामने नहीं आई है।









