Delhi PUCC: आम लोगों पर जुर्माना, सरकारी गाड़ियों में ही नहीं मिला PUCC
दिल्ली में प्रदूषण पर लगाम लगाने के लिए आम वाहन चालकों के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है। बिना वैध प्रदूषण नियंत्रण प्रमाण पत्र (PUCC)...

Delhi PUCC: दिल्ली में प्रदूषण पर लगाम लगाने के लिए आम वाहन चालकों के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है। बिना वैध प्रदूषण नियंत्रण प्रमाण पत्र (PUCC) वाहन चलाने पर भारी जुर्माना भी लगाया जा रहा है। लेकिन अब सरकारी वाहनों को लेकर सामने आई जानकारी ने व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
आरटीआई से मिली जानकारी और परिवहन विभाग के उपलब्ध रिकॉर्ड के मुताबिक, जून-जुलाई के दौरान 108 सरकारी वाहनों की जांच की गई थी। इनमें से 38 वाहनों का वैध PUCC रिकॉर्ड नहीं मिला। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि जब नियमों का पालन कराने वाली सरकारी एजेंसियों के वाहनों में ही प्रदूषण प्रमाण पत्र का रिकॉर्ड नहीं है, तो आम लोगों से नियमों के पालन की उम्मीद कैसे की जा सकती है?
सरकारी वाहनों के लिए भी PUCC जरूरी
दिल्ली सरकार के सामान्य प्रशासन विभाग ने 7 अप्रैल को एक सर्कुलर जारी किया था। इसमें सरकारी वाहनों के लिए वैध PUCC रखना अनिवार्य किया गया था। यह निर्देश दिल्ली सरकार के विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ-साथ विभागाध्यक्षों, स्वायत्त संस्थाओं, बोर्ड, निगम और सार्वजनिक उपक्रमों के प्रमुखों तक पहुंचाया गया था।
सर्कुलर में साफ कहा गया था कि सरकारी विभागों और उनके अधीन आने वाले संस्थानों में इस्तेमाल होने वाले सरकारी और किराये के वाहनों के पास वैध PUCC होना जरूरी है। इतना ही नहीं, जिन वाहनों के पास वैध प्रदूषण प्रमाण पत्र नहीं है, उन्हें सरकारी काम के लिए इस्तेमाल नहीं करने का निर्देश भी दिया गया था।
108 में 38 वाहनों का रिकॉर्ड नहीं मिला
इन स्पष्ट निर्देशों के बावजूद जून-जुलाई में जांच किए गए 108 सरकारी वाहनों में से 38 के PUCC का रिकॉर्ड नहीं मिलना सवाल खड़े करता है। मामला इसलिए भी गंभीर है क्योंकि दिल्ली में प्रदूषण नियंत्रण के लिए वाहन जांच और चालान की कार्रवाई लगातार की जाती है। आम वाहन मालिकों को वैध PUCC नहीं होने पर कार्रवाई का सामना करना पड़ता है, जबकि सरकारी वाहनों से जुड़े आंकड़े अलग तस्वीर दिखा रहे हैं।
2025 में 60 सरकारी वाहनों पर हुआ था चालान
सरकारी गाड़ियों के PUCC को लेकर पहले भी कार्रवाई हो चुकी है। परिवहन विभाग की ओर से अप्रैल में जारी एक सरकारी पत्र के अनुसार, 2025 में दिल्ली सरकार के अलग-अलग विभागों से जुड़े 60 वाहनों के चालान वैध PUCC नहीं होने के कारण किए गए थे। इनमें तीन आयुक्त, तीन जिलाधिकारी, दो अतिरिक्त जिलाधिकारी और आठ एसडीएम से जुड़ी गाड़ियां भी शामिल थीं।
जिन गाड़ियों से कार्रवाई, उन्हीं पर सवाल
इस मामले का एक अहम पहलू यह भी है कि जिन अधिकारियों की सरकारी गाड़ियों पर PUCC को लेकर कार्रवाई हुई, उन्हीं अधिकारियों के विभाग आम वाहन चालकों के खिलाफ प्रदूषण संबंधी नियमों को लागू करने की जिम्मेदारी निभाते हैं। यही वजह है कि सरकारी वाहनों के PUCC को लेकर सामने आए आंकड़ों को लेकर नियमों के समान रूप से पालन पर सवाल उठ रहे हैं।
सरकारी गाड़ियों को नियमों में छूट नहीं
उत्तरी पूर्वी जिला विकास समिति के अध्यक्ष और रोहतास नगर से भाजपा विधायक जितेंद्र महाजन ने भी इस मुद्दे को गंभीर बताया है। उनके मुताबिक, प्रदूषण प्रमाण पत्र से जुड़े नियम आम नागरिकों और सरकारी वाहनों के लिए समान होने चाहिए। उनका कहना है कि मौजूदा नियमों में सरकारी वाहनों को PUCC से कोई विशेष छूट नहीं दी गई है। ऐसे में सरकारी गाड़ियों पर भी वही नियम लागू होने चाहिए जो आम वाहनों पर लागू होते हैं। उन्होंने यह चिंता भी जताई कि आने वाले समय में जब प्रदूषण का स्तर बढ़ने की आशंका रहती है, तब नियमों के पालन में ऐसी कमियां प्रदूषण नियंत्रण की पूरी व्यवस्था पर सवाल खड़े कर सकती हैं।









