Delhi Viral Alert: बारिश में बढ़ा वायरल, ये लक्षण दिखें तो हो जाएं सावधान

नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली में बदलते मौसम और बारिश का असर अब लोगों की सेहत पर भी दिखाई देने लगा है। मानसून के बीच दिल्ली के सरकारी और निजी...

Delhi Viral Alert: बारिश में बढ़ा वायरल, ये लक्षण दिखें तो हो जाएं सावधान

नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली में बदलते मौसम और बारिश का असर अब लोगों की सेहत पर भी दिखाई देने लगा है। मानसून के बीच दिल्ली के सरकारी और निजी अस्पतालों की OPD (Out Patient Department) में मौसमी बीमारियों से जुड़े मरीजों की संख्या में करीब 20 फीसदी तक बढ़ोतरी देखने को मिली है। पिछले चार-पांच हफ्तों से अस्पतालों में सर्दी-जुकाम, तेज बुखार, गले में खराश, पेट के संक्रमण, पीलिया और skin allergy जैसी समस्याओं के मरीज लगातार पहुंच रहे हैं।

अस्पतालों की OPD में बढ़ी मरीजों की भीड़

बारिश और मौसम में लगातार बदलाव के कारण दिल्ली के कई बड़े अस्पतालों की OPD में मरीजों की संख्या बढ़ी है। AIIMS, Safdarjung, RML और Lady Hardinge Hospital समेत कई अस्पतालों में वायरल और संक्रमण से जुड़ी शिकायतों वाले मरीज इलाज के लिए पहुंच रहे हैं। डॉक्टरों के मुताबिक, बदलते मौसम, नमी और दूषित पानी व भोजन के कारण इस तरह की मौसमी बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। मरीजों में सबसे ज्यादा शिकायत सर्दी-जुकाम, बुखार, गले में खराश और संक्रमण की देखने को मिल रही है। इसके अलावा पीलिया, liver infection, stomach infection और skin allergy के मामलों में भी बढ़ोतरी दर्ज की गई है।

बारिश में किन बीमारियों का खतरा ज्यादा?

डॉक्टरों के मुताबिक मानसून के दौरान सबसे ज्यादा खतरा water-borne diseases का रहता है। दूषित पानी या संक्रमित भोजन के सेवन से diarrhea और gastroenteritis जैसी समस्याएं हो सकती हैं। इनकी वजह से शरीर में पानी की कमी यानी dehydration का खतरा भी बढ़ जाता है।

इसके अलावा दूषित पानी से Hepatitis A और E का संक्रमण हो सकता है। इसमें पीलिया, थकान और जी मिचलाने जैसी परेशानियां हो सकती हैं। वहीं, टाइफाइड में लंबे समय तक बुखार और पेट दर्द की शिकायत हो सकती है।

नमी बढ़ने से Skin Allergy और Fungal Infection का खतरा

मानसून के दौरान वातावरण में humidity बढ़ जाती है। ऐसे में लंबे समय तक गीले कपड़े और जूते पहनने या नमी वाली जगहों पर रहने से fungal infection और skin allergy का खतरा बढ़ सकता है।

जलभराव वाले इलाकों में रहें सावधान

बारिश के बाद सड़कों और खाली जगहों पर जमा गंदा पानी भी बीमारी का कारण बन सकता है। ऐसे पानी के संपर्क में आने से leptospirosis जैसी बीमारी का खतरा रहता है। इसके लक्षणों में बुखार और शरीर में दर्द जैसी शिकायतें शामिल हो सकती हैं। इसलिए अगर आपके इलाके में waterlogging है तो कोशिश करें कि गंदे पानी में जाने से बचें। अगर जाना जरूरी हो तो पैरों को अच्छी तरह साफ और सूखा रखें।

Viral Infection से बचने के लिए क्या करें?

बारिश के मौसम में थोड़ी सी सावधानी आपको कई मौसमी बीमारियों से बचा सकती है।

  • पीने के लिए filtered, RO या उबला हुआ पानी इस्तेमाल करें।
  • सड़क किनारे खुले में रखा खाना और कटे हुए फल खाने से बचें।
  • हमेशा fresh और गर्म खाना खाने की कोशिश करें।
  • खाना खाने से पहले और बाद में हाथ जरूर धोएं।
  • घर और आसपास पानी जमा न होने दें।
  • मच्छरों से बचने के लिए mosquito repellent का इस्तेमाल करें।
  • बारिश में भीगने के बाद गीले कपड़े तुरंत बदलें।
  • पैरों को साफ और सूखा रखें।
  • जलभराव वाले गंदे पानी के संपर्क में आने से बचें।
  • लगातार तेज बुखार, उल्टी-दस्त, पीलिया या सांस से जुड़ी परेशानी होने पर डॉक्टर से सलाह लें।

“डॉक्टरों की सलाह है कि साफ पानी और ताजा भोजन का इस्तेमाल करें, personal hygiene का ध्यान रखें और किसी भी गंभीर या लगातार बने रहने वाले symptom को नजरअंदाज न करें। सही समय पर medical consultation लेने से बीमारी को गंभीर होने से रोका जा सकता है।”

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