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दिल्ली की नई शराब नीति ने बढ़ाई शराब विक्रेताओं की टेंशन, CBI जाँच का है डर

नई शराब नीति को लेकर कारोबारी काफी टेंशन में है साल 2001 से 2021 तक राजधानी में शारब का कारोबार कभी मुद्दा नहीं रहा, लेकिन अब ऐसा पहेली बार हो रहा है

दिल्ली में नई शराब नीति को लेकर कारोबारी काफी टेंशन में है साल 2001 से साल 2021 तक देश की राजधानी में शारब का कारोबार कभी मुद्दा नहीं रहा, लेकिन अब ऐसा पहेली बार हो रहा है जब नई शराब निति न केवल राजनितिक मुद्दा बन चुकी है बल्कि सीबीआई के घरे में भी होगी।

इस नई शराब निति पर दिल्ली के उप राज्यपाल द्वारा सीबीआई जांच की सिफारिश के बाद लोग बेहद डर गए हैं दूसरी तरफ एक वजह यह है कि इस नई पालिसी को आगे बढ़ाया जायेगा या नहीं? बता दें कि इस धंदे से जुड़े वेंडर ने बताया कि मियाद खत्म होने के 10 दिन पहले ही रिनीवल को लेकर काम शुरू करना होता है, लेकिन अब तक कोई भी रिस्पांस नहीं मिला है।

प्लान के मुताबिक डीडीए अप्रूव्ड मार्केट, शॉपिंग माल्स में ही शराब की दुकाने खोली जा सकती है लेकिन नई पालिसी के तहत बहुत सी दुकाने नॉन-कंफर्मिंग जोन में खुली जिसका राजनितिक तौर पर बड़ा मुद्दा बना जिस वजह से लोकल आरडब्लूए और एमसीडी ने आपति जताई है।

दिल्ली की नई शराब निति को लेकर शराब के धंदे से जुड़े वेंडर्स काफी मुसीबत में है कंफेडरेशन ऑफ एल्कोहलिक बीवरेजेस कंपनीज (CIABC) के डायरेक्टर जनरल विनोद गिरी कि इस नई पालिसी की वजह से दिल्ली के पोर्शे इलाके जैसे साकेत, महिपालपुर, ग्रीन पार्क में लोगों को शराब की किल्लत का सामने करना पड रहा है।

शराब वेंडर्स ने कहा कि हम इसका जल्दी से जल्दी हल चाहते है शराब जल्द उपलब्ध कराइ जाये और सप्लाई प्रभावित न हो और धंधा अच्छी तरह से चल सके। जानकारी के मुताबिक 21 जून 2022 तक सिर्फ 466 दुकाने एक्टिव रही। एक्साइज विभाग के सूत्रों का कहना हैं कि मियाद ख़त्म होने से पहले अगर इसी तरह से लाइसेंस सरेंडर होते रहे तो दुकानों की संख्या 350 के करीब भी जा सकती है।

नई शराब निति के तहत 2021-2022 में दिल्ली को 32 लिकर जोन में बांटा गया था और 9 जोन ने पहले ही लाइसेंस सरेंडर कर दिया है जिसके तहत 849 दुकाने खुली।

नई शराब नीति का खास मकसद:

शराब पिने की उम्र को 25 से घटाकर 21 कर दी और इस निति के बाद ड्राई डे भी घट गए। बता दे कि शराब माफिया को ख़त्म करना और शराब का समान वितरण करना सरकार का लक्ष्य है। दिल्ली पहेली सरकार बनी जिसने शराब व्यवसाय से खुद को अलग कर लिया और अगर पब्लिक प्लेस में शराब की दुकान के आगे कोई शारब पिता है तो पुलिस नहीं स्टोर वाला जिम्मेदार होगा।

Vishalgarh Farms

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Jagjeet Singh

जगजीत सिंह तेज़ तर्रार न्यूज़ चैनल में बतौर कंटेंट राइटर कार्य कर रहे हैं। इन्होंने टेक्निकल, विश्व और एजुकेशन से सम्बंधित लेखो को अपने लेखन में प्रकाशित किया है।

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