दिल्ली

बुजुर्ग मां हुई बेसहारा: ‘आँखों के सामने बेटों की मृत्यु, विलाप देख आंख हुई नम

दिल्ली-देहरादून हाईवे पर मुजफ्फरनगर में हुए एक सड़क हादसे में अर्जुन और उसके छोटे भाई देवेंद्र अभिषेक के साथ-साथ उसके चचेरे भाई

दिल्ली-देहरादून हाईवे पर मुजफ्फरनगर में हुए एक सड़क हादसे में अर्जुन और उसके छोटे भाई देवेंद्र अभिषेक के साथ-साथ उसके चचेरे भाई रोहित की मृत्यु के बाद परिवार में मातम छा गया है। सरस्वती देवी शनिवार की रात को दोनों बेटों और भतीजे के साथ दिल्ली से हरिद्वार गंगा स्नान के लिए गयी थीं। मां के आँखों के सामने ही टाटा मैजिक गाड़ी ने युवकों को जोरदार टक्कर मारी। हादसे के बाद तीनों को ऐसी हालत में देख सरस्वती बेहोश हो गईं।

जब उसको होश आया तो बेटों के साथ भतीजे की मृत्यु की खबर भी मिली। सरस्वती दिल्ली लौट आई हैं। घरवालों ने उन्हें दिलासा देते रहे। 11 माह पहले ही सरस्वती के पति की कैंसर से मृत्यु हो गयी थी। एक परिवार के युवक ने बताया कि 4 भाई सुनील कुमार, अनिल, संजय तथा राकेश तुर्कमान गेट के करीब आसफ अली रोड, हमदर्द चौक पर रह रहे थे। सरस्वती तथा पति सुनील ने 30 साल पहले पुश्तैनी घट छोड़कर बदरपुर के लक्कड़पुर फाटक के पास घर बना लिया था।

सरस्वती परिवार में दो शादीशुदा बेटियां और बेटे थे। अर्जुन की शादी हुई थी, पर किसी किसी कारन से उसका तलाक हो गया था। अर्जुन और देवेंद्र निजी कंपनी में काम करते थे, लेकिन कुछ महीने पहले दोनों की नौकरी चली गई थी। वहीं, रोहित के घर में पिता के साथ 13 वर्ष की छोटी बहन सिमरन है। मां की पहले कैंसर से मृत्यु हो गई थी। रोहित अजमेरी गेट के एक नर्सिंग होम में काम करता था। पिता संजय अजमेरी गेट पर अंडे की रेहड़ी लगाते हैं।

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