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चुनाव एग्जिट पोल परिणाम : सट्टा बाजार में NDA की सरकार, सीटें 340 पार…

लोकसभा चुनाव 2024 का परिणाम 4 जून को साफ हो जाएगा। इससे पहले दिल्ली सट्टा बाजार में नई सरकार को लेकर अटकलें तेज हो गई हैं। सट्टा बाजार में यह दावा किया जा रहा है कि NDA की सरकार बनने की संभावना है और उसे 340 से अधिक सीटें मिल सकती हैं। वहीं, I.N.D.I.A ब्लॉक को लगभग 200 सीटें मिलने का अनुमान जताया जा रहा है।

लोकसभा चुनाव 2024 का परिणाम 4 जून को साफ हो जाएगा। इससे पहले दिल्ली सट्टा बाजार में नई सरकार को लेकर अटकलें तेज हो गई हैं। सट्टा बाजार में यह दावा किया जा रहा है कि NDA की सरकार बनने की संभावना है और उसे 340 से अधिक सीटें मिल सकती हैं। वहीं, I.N.D.I.A ब्लॉक को लगभग 200 सीटें मिलने का अनुमान जताया जा रहा है।

एजेंसी के अनुसार, दिल्ली के सट्टेबाजों और पंटर्स का मानना है कि NDA को 341-343 सीटें मिल सकती हैं। वहीं, I.N.D.I.A ब्लॉक को 198-200 सीटें मिलने की संभावना है। BJP अपने दम पर 310-313 सीटें जीत सकती है, जबकि कांग्रेस को 57-59 सीटें मिलने का अनुमान है। दिल्ली की 7 लोकसभा सीटों में से केवल 1 सीट I.N.D.I.A ब्लॉक को मिलने की बात कही जा रही है।

सूत्रों के मुताबिक, दिल्ली सट्टा बाजार दो सप्ताह पहले खुला था। दिल्ली-एनसीआर में अब तक चुनाव नतीजों पर करोड़ों रुपए का दांव लगाया जा चुका है। सट्टेबाजों में विदेशी भी शामिल हैं, जो इस चुनाव परिणाम पर अपनी नजरें जमाए हुए हैं।

दिल्ली सट्टा बाजार में NDA की सरकार बनने की भविष्यवाणी से राजनीतिक माहौल गर्म हो गया है। लोगों में इस बात को लेकर चर्चा हो रही है कि क्या वाकई में NDA को इतनी बड़ी जीत मिलेगी या फिर I.N.D.I.A ब्लॉक कोई चमत्कार दिखा पाएगा। सभी की नजरें अब 4 जून पर टिकी हुई हैं जब असली परिणाम सामने आएंगे।

इस बीच, सट्टेबाजों और पंटर्स का मानना है कि पिछले चुनावों की तरह इस बार भी एग्जिट पोल के अनुमान सटीक साबित होंगे। हालांकि, वास्तविक परिणाम क्या होंगे, यह तो आने वाला समय ही बताएगा।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि सट्टा बाजार के अनुमान और वास्तविक परिणामों में कई बार बड़ा अंतर देखा गया है। इसलिए, इन अनुमानों को अंतिम सच नहीं माना जा सकता। फिर भी, दिल्ली सट्टा बाजार में NDA की बढ़त से चुनावी चर्चाओं में नया मोड़ आ गया है।

लोकसभा चुनाव 2024 के परिणाम को लेकर लोगों में उत्सुकता बढ़ती जा रही है। अब देखना होगा कि सट्टा बाजार के अनुमान कितने सही साबित होते हैं और किसके हाथ में सत्ता की बागडोर आती है।

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