दिल्लीराजनीति

जानिए इस बार एमसीडी चुनाव का मुद्दा क्या है, बिजली-पानी, टूटी-फूटी सड़कें या कुछ और

आगामी दिल्ली एमसीडी चुनाव के मद्देनजर हर एक वार्ड की जमीनी हकीकत का सच सामने आ रहा है। दिल्ली एमसीडी चुनाव के लिए 4 दिसंबर को मतदान होगा

आगामी दिल्ली एमसीडी चुनाव के मद्देनजर हर एक वार्ड की जमीनी हकीकत का सच सामने आ रहा है। दिल्ली एमसीडी चुनाव के लिए 4 दिसंबर को मतदान होगा तो दूसरी और 7 दिसंबर को परिणाम भी आ सकते हैं। ऐसे में हर वार्ड का मतदाता अपने अलग-अलग मुद्दों पर वोट देगा। इस बीच हमने कल्याणपुरी और मयूर विहार फेज 2 वार्ड का हाल पता चला। बता दे, कल्याणपुरी वार्ड अपने नाम से बिलकुल ही अलग स्थिति में है। ऐसे ही मयूर विहार फेज 2 वार्ड के लोग भी इस परेशानी से घिरे हुए हैं।

लोगों का क्या कहना है?

कल्याणपुरी में लोगों का मिला-जुला युक्ति देखि जा सकती है। लोगों ने बताया कि पार्षद धीरेंद्र उर्फ बंटी ने अपने कार्यकाल में बेहद अच्छा काम किया था। कूड़े की गाडियां रोज कूड़ा लेकर जाती थीं। पार्क्स भी बिलकुल साफ रहते थे। लेकिन जबसे दिल्ली एमसीडी का एकीकरण हुआ है तब से लोग बेहद परेशान झेल रहे हैं। वहीं दूसरी ओर एमसीडी के स्कूल्स की हालत भी ठीक नहीं चल रही। गलियों में हर जगह कूड़े का ढेर पड़ा रहता है। नालियां ब्लॉक्ड हैं, नालियों में कूड़ा पड़ा रहता है। लोग उससे आने वाली दुर्गंध से बेहद परेशान हैं.

क्या एमसीडी कर्मचारी आते हैं समय पर?

लोगों के अनुसार, एमसीडी कर्मचारी सही वक्त पर कभी नहीं आते. पार्क्स की स्थिति बिलकुल भी ठीक नहीं है। मच्छर मारने वाली दवाइयों का भी छिड़काव नहीं होता। लोग बीमार हैं पर एमसीडी स्वास्थ केंद्र में दवाइयां नहीं मिल रही।

सीवरेज की है परेशानी, पर कोई सुनता नहीं!

बात की जाएं, मयूर विहार फेज 2 इलाके की, तो यह एक अच्छा रेजिडेंशियल इलाका है, पर ये वार्ड भी परेशानियों से भरा हुआ है। यहां मुख्य समस्या सीवर की है, नालियां ब्लॉक्ड रहती हैं, पानी सड़को पर आता है। लोगों का कहना है कि वक्त पर कोई सुनवाही नहीं होती।

Accherishtey

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