दिल्ली

नीट पेपर लीक: गवाह ने किया बड़ा खुलासा, शिक्षा प्रणाली पर गंभीर सवाल

अशुतोष, जो पेपर लीक कांड का प्रत्यक्षदर्शी है, ने बताया कि परीक्षा से एक दिन पहले कुछ छात्रों को एक सेफ हाउस में रखा गया था। रात 10 बजे के बाद, गतिविधियाँ शुरू हुईं। अशुतोष ने देखा कि प्रश्न पत्र की फोटोकॉपी की जा रही थी और छात्रों को उत्तर याद करवाए जा रहे थे। यह गतिविधियाँ पूरी रात चलती रहीं, जिससे यह स्पष्ट हो गया कि यह एक योजनाबद्ध गड़बड़ी थी।

नई दिल्ली, 23 जून 2024 – नीट यूजी (NEET UG) परीक्षा में पेपर लीक का एक और बड़ा मामला सामने आया है। किरायेदार अशुतोष ने इस गड़बड़ी का पर्दाफाश किया, जिसने शिक्षा प्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

क्या है मामला?

अशुतोष, जो पेपर लीक कांड का प्रत्यक्षदर्शी है, ने बताया कि परीक्षा से एक दिन पहले कुछ छात्रों को एक सेफ हाउस में रखा गया था। रात 10 बजे के बाद, गतिविधियाँ शुरू हुईं। अशुतोष ने देखा कि प्रश्न पत्र की फोटोकॉपी की जा रही थी और छात्रों को उत्तर याद करवाए जा रहे थे। यह गतिविधियाँ पूरी रात चलती रहीं, जिससे यह स्पष्ट हो गया कि यह एक योजनाबद्ध गड़बड़ी थी।

गवाह का बयान

अशुतोष ने कहा, “रात 10 बजे के बाद हमने देखा कि कुछ लोग आए और उन्होंने प्रश्न पत्र की फोटोकॉपी शुरू कर दी। इसके बाद, छात्रों को एक-एक करके बुलाया गया और उन्हें प्रश्न पत्र के उत्तर याद करवाए गए।” अशुतोष के इस बयान ने पूरे मामले को नई दिशा दी है और जांच एजेंसियों के कान खड़े कर दिए हैं।

जांच की दिशा

इस खुलासे के बाद, जांच एजेंसियों ने तत्परता से कार्रवाई शुरू कर दी है। जांच में पता चला है कि यह एक संगठित गिरोह का काम है जो छात्रों को मोटी रकम लेकर प्रश्न पत्र उपलब्ध कराता है। यह गिरोह कई राज्यों में सक्रिय है और इसने पिछले कुछ वर्षों में कई छात्रों का भविष्य खराब कर दिया है।

शिक्षा प्रणाली पर असर

इस घटना ने देश की शिक्षा प्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। नीट जैसी महत्वपूर्ण परीक्षा में इस प्रकार की गड़बड़ी से छात्रों और अभिभावकों में आक्रोश है। एक अभिभावक ने कहा, “हम अपने बच्चों को कड़ी मेहनत करने के लिए प्रेरित करते हैं, लेकिन इस प्रकार की घटनाएँ उनकी मेहनत पर पानी फेर देती हैं। सरकार को सख्त कदम उठाने की जरूरत है।”

सरकार की प्रतिक्रिया

सरकार ने इस मामले को गंभीरता से लिया है और जांच के आदेश दे दिए हैं। शिक्षा मंत्री ने कहा, “इस प्रकार की घटनाएँ बर्दाश्त नहीं की जाएंगी। हम दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा दिलाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।”

समाधान की दिशा में कदम

इस प्रकार की गड़बड़ियों से निपटने के लिए, सरकार ने कुछ महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं:
1. प्रश्न पत्र तैयार करने और उनके वितरण के दौरान सुरक्षा उपायों को और सख्त किया जाएगा।
2. परीक्षा केंद्रों पर निगरानी बढ़ाई जाएगी।
3. दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

इस प्रकार की घटनाओं से शिक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता पर सवाल उठना स्वाभाविक है। सरकार और जांच एजेंसियों का त्वरित और सख्त कार्रवाई करना आवश्यक है ताकि भविष्य में इस प्रकार की गड़बड़ियों को रोका जा सके और छात्रों का भविष्य सुरक्षित रह सके।

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