दिल्ली में नए साल का जश्न पड़ा भारी, होटल-क्लब से लेकर कैब तक के बढ़े दाम
कनॉट प्लेस, एयरोसिटी, गुरुग्राम और नोएडा के कई फाइव-स्टार होटलों में नए साल के पैकेज 12 हजार से 18 हजार रुपये प्रति व्यक्ति तक रखे गए हैं।

दिल्ली में त्योहार और जश्न अब सिर्फ खुशी का मौका नहीं रह गए हैं, बल्कि बढ़ते खर्चों की एक लंबी फेहरिस्त बनते जा रहे हैं। क्रिसमस और नए साल के मौके पर शहर की चमक-दमक के पीछे जेब पर पड़ने वाला बोझ आम लोगों की चिंता बढ़ा रहा है। होटल, क्लब, पब, कैफे और यहां तक कि सफर तक सब कुछ पहले से कहीं ज्यादा महंगा हो गया है।
राजधानी के अधिकांश बड़े होटल और कैफे इस दौरान फिक्स्ड मेन्यू सिस्टम लागू कर देते हैं। इन मेन्यू की कीमतें प्रति व्यक्ति 6 हजार से शुरू होकर 18 हजार रुपये तक पहुंच जाती हैं। कनॉट प्लेस की रहने वाली 28 वर्षीय प्रिया बताती हैं कि पिछले साल उन्होंने दोस्तों के साथ एक साधारण डिनर की योजना बनाई थी, लेकिन तीन लोगों का बिल करीब 9 हजार रुपये तक पहुंच गया। ऐसे में जश्न से ज्यादा आर्थिक दबाव महसूस होने लगता है।
होटल और क्लबों में तय कीमतों वाला जश्न
कनॉट प्लेस, एयरोसिटी, गुरुग्राम और नोएडा के कई फाइव-स्टार होटलों में नए साल के पैकेज 12 हजार से 18 हजार रुपये प्रति व्यक्ति तक रखे गए हैं। इन पैकेज में डिनर, सीमित ड्रिंक्स और लाइव म्यूजिक शामिल होता है, लेकिन समय और ड्रिंक्स की संख्या को लेकर कई शर्तें भी होती हैं।
वहीं, क्लबों में एंट्री चार्ज भी आसमान छू रहा है। कई जगहों पर कपल एंट्री 8 हजार से 15 हजार रुपये तक पहुंच चुकी है। राजौरी गार्डन के एक क्लब में प्रति व्यक्ति चार हजार रुपये का पैकेज है, जिसमें शर्त रखी गई है कि कम से कम 10 लोगों को एक साथ बुकिंग करनी होगी, वरना अतिरिक्त भुगतान करना पड़ेगा।
सफर भी बना महंगा
नए साल की रात कैब सेवाएं भी आम लोगों को बड़ा झटका दे रही हैं। कैब किराया सामान्य दिनों के मुकाबले दो से तीन गुना तक बढ़ जाता है। जो दूरी आमतौर पर 500–600 रुपये में तय हो जाती है, वही त्योहारों के दौरान 900 से 1,000 रुपये तक पहुंच जाती है।
एक यात्री के अनुसार, क्रिसमस के दिन ओला ऐप पर रोजाना 500 रुपये का सफर 1,063 रुपये में दिखा। नए साल की रात हालात और सख्त हो जाते हैं। शराब पीने के बाद ड्राइव न कर पाने की मजबूरी में लोगों के पास महंगी कैब लेने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचता। कुल मिलाकर, नए साल का जश्न इस बार खुशियों से ज्यादा खर्च का प्रतीक बनता नजर आ रहा है।









