TATA का बड़ा फैसला: वर्क फ्रॉम होम पर रोक, ऑफिस आना जरूरी

भारत की सबसे बड़ी कपंनी TCS ने WFH को लेकर बड़ा और सख्त फैसला सुनाया है. कपंनी ने अब उन कर्मचारियों का Appraisal रोक दिया है जिन्होनें

TCS WFH policy: भारत की सबसे बड़ी और जानीमानी कपंनी टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज यानी TCS ने वर्क फ्रॉम ऑफिस को लेकर बड़ा और सख्त फैसला सुनाया है. कपंनी ने अब उन कर्मचारियों का Appraisal रोक दिया है जिन्होनें पिछले कुछ क्वार्टर में Office Attendance के नियमों का पालन नहीं किया. सीधे तौर पर कहा जाए तो इसका मतलब ये हुआ किजो कर्मचारी तय दिनों तक Office नहीं आए, उनकी Performance Appraisal फिलहाल होल्ड पर डाल दी गई है.

वर्क फ्रॉम होम की छूट खत्म, ऑफिस हाज़िरी जरूरी

The Times of India की रिपोर्ट के अनुसार, ये फैसला उन कर्मचारियों के लिए लागू हुआ है जिन्होंने फाइनेंशियल ईयर के कुछ क्वार्टर में TCS की Work From Office यानी WFO पॉलिसी को पूरा नहीं किया. कई मामलों में टीम और मैनेजर स्तर पर मूल्यांकन की प्रक्रिया पूरी हो चुकी थी, लेकिन कॉरपोरेट स्तर से मंजूरी न मिलने की वजह से इसे अंतिम रूप नहीं दिया जा सका। यानी फाइलों में सब कुछ ठीक होने के बावजूद नतीजे पर रोक लगी हुई है। इस पूरे मामले पर खबर लिखे जाने तक TCS की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई।

फ्रेशर कर्मचारियों पर इसका असर ज्यादा देखा जा रहा है

TCS WFH policy: जानकारी के अनुसार TCS में Anniversary Appraisal एक सिस्टम के तहत होता हैं. जो कि कर्मचारियों के Joining डेट से जुड़ा होता है, आमतौर पर Freshers को एक साल पूरा होने पर अप्रेज़ल से जुड़ी जानकारी ई-मेल के द्वारा दी जाती है और इसका स्टेटस अल्टिमैटिक्स पोर्टल पर अपडेट कर दिया जाता है। गौरतलब है कि TCS ने साल 2022 में ही लेटरल हायर यानी एक्सपीरियंस कर्मचारियों के लिए फाइनल एनिवर्सरी अप्रेज़ल की व्यवस्था खत्म करदी थी। ऐसे में कंपनी का यह कदम अब नए कर्मचारियों के लिए ज्यादा अहम माना जा रहा है।

ये होती है Appraisal की पूरी प्रक्रिया

जानकारी के अनुसार आमतौर पर Anniversary Appraisal कंपनी की ओर से शुरू होती है इसके बाद रिपोर्टिंग मैनेजर द्वारा Goal Sheet बनाई जाती है, जिसे कर्मचारी रिव्यू करता है और फिर आपसी सहमति के बाद इसे सबमिट किया जाता है. सालभर की परफॉर्मेंस का मूल्यांकन तय किए गए लक्ष्यों और मानकों के हिसाब से किया जाता है, जिसके बाद बैंड निर्धारित होता है। लेकिन अब इस पूरी प्रक्रिया में ऑफिस में मौजूदगी एक अहम शर्त बन गई है। आसान शब्दों में कहें तो अगर Attendance पूरी नहीं हुई, तो अप्रेज़ल की प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ पाएगी।

अब पांच दिन ऑफिस आना ज़रूरी

TCS WFH policy: TCS द्वारा यह साफ कर दिया है कि अब कर्मचारियों को हफ्ते के पांचों दिन ऑफिस आकर काम करना पड़ेगा। देश की बड़ी आईटी कंपनियों में TCS पहली ऐसी कंपनी बन गई है जिसने इस विषय पर इतना कड़ा रुख अपनाया है। जहां दूसरी कंपनियां अभी भी हाइब्रिड मॉडल के तहत 2 या 3 दिन कर्मचारियों को ऑफिस बुला रही हैं, वहीं TCS ने परफॉर्मेंस और वेरिएबल पे को सीधे तौर पर ऑफिस में मौजूदगी से जोड़ दिया है।

छूट मिलेगी, लेकिन दायरे में

बता दें कि कंपनी ने पिछले साल WFO से जुड़ी एक्सेप्शन पॉलिसी में बदलाव किया था। इसके तहत कर्मचारी हर तिमाही में निजी आपात यानि पर्सनल इमरजेंसी स्थिति बताकर अधिकतम छह दिन की छूट ले सकते हैं, लेकिन इन दिनों को अगले क्वार्टर में आगे नहीं बढ़ाया जा सकेगा। ,साथ ही अगर ऑफिस में जगह की कमी जैसी कोई तकनीकी या संचालन से जुड़ी परेशानी हो, तो कर्मचारी एक साथ 30 तक एक्सेप्शन रिक्वेस्ट डाल सकते हैं। साथ ही नेटवर्क से जुड़ी परेशानियों के मामलों में एक बार में सिर्फ पांच एंट्री की अनुमति दी गई है।

सिस्टम में ढील नहीं

TCS ने साफ कर दिया है कि अटेंडेंस एक्सेप्शन के लिए न तो बल्क एंट्री होगी और न ही बैकएंड से कोई एडजस्टमेंट किया जाएगा। मतलब यह कि अब सिस्टम में किसी तरह के शॉर्टकट की गुंजाइश नहीं है। इससे साफ संकेत मिलता है कि कंपनी वर्क फ्रॉम होम को केवल अस्थायी सहूलियत मान रही है और धीरे-धीरे पूरी तरह ऑफिस-आधारित कामकाजी व्यवस्था की ओर बढ़ रही है।

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Tez Tarrar News

Afreen Khan

आफरीन खान तेज़ तर्रार न्यूज़ में बतौर पत्रकार काम कर रही है और इनका मानना है कि पत्रकारिता की एक खासियत है कि वह कभी खामोश नहीं रहती ।
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