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सोमवार, 24 जून 2024 को 18वीं लोकसभा के पहले सत्र की शुरुआत होगी

नई दिल्ली, 24 जून 2024: भारत की संसद के इतिहास में आज एक नया अध्याय जुड़ने जा रहा है जब 18वीं लोकसभा का पहला सत्र शुरू होगा। इस महत्वपूर्ण दिन की शुरुआत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनकी मंत्री परिषद के 58 मंत्रियों की शपथ ग्रहण से होगी। यह समारोह लोकतंत्र की मजबूत नींव को दर्शाता है, जहां देश के नेता संविधान के प्रति अपनी निष्ठा की पुष्टि करते हैं।

नई दिल्ली, 24 जून 2024: भारत की संसद के इतिहास में आज एक नया अध्याय जुड़ने जा रहा है जब 18वीं लोकसभा का पहला सत्र शुरू होगा। इस महत्वपूर्ण दिन की शुरुआत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनकी मंत्री परिषद के 58 मंत्रियों की शपथ ग्रहण से होगी। यह समारोह लोकतंत्र की मजबूत नींव को दर्शाता है, जहां देश के नेता संविधान के प्रति अपनी निष्ठा की पुष्टि करते हैं।

नए सांसदों का शपथ ग्रहण

इस सत्र में कुल 544 नए सांसद शामिल होंगे, जिन्हें दो दिन में शपथ दिलाई जाएगी। 24 जून को 280 सांसद शपथ लेंगे, जबकि बाकी 264 सांसद 25 जून को शपथ ग्रहण करेंगे। शपथ ग्रहण के दौरान संसद भवन में उत्साह और उमंग का माहौल होगा, जहां विभिन्न पार्टियों के नेता एकजुट होकर लोकतांत्रिक प्रक्रिया का हिस्सा बनेंगे।

लोकसभा स्पीकर का चुनाव

पहले सत्र के तीसरे दिन, 26 जून को, लोकसभा स्पीकर का चुनाव होगा। यह चुनाव बेहद महत्वपूर्ण है, क्योंकि स्पीकर सदन की कार्यवाही को संचालित करने और निष्पक्षता बनाए रखने में अहम भूमिका निभाते हैं। विभिन्न दलों के बीच स्पीकर के पद के लिए कड़ी प्रतिस्पर्धा होने की उम्मीद है।

राष्ट्रपति का अभिभाषण

26 जून को ही राष्ट्रपति द्वारा संयुक्त सदन को संबोधित किया जाएगा। यह संबोधन सरकार की नीतियों और प्राथमिकताओं को रेखांकित करेगा और देश के विकास की दिशा में आगामी कदमों का खाका प्रस्तुत करेगा। राष्ट्रपति का अभिभाषण संसद के दोनों सदनों के सदस्यों के लिए मार्गदर्शक सिद्ध होगा और आने वाले सत्र के लिए एक दिशा निर्देशित करेगा।

नए विधेयकों पर चर्चा

पहले सत्र के दौरान कई महत्वपूर्ण विधेयकों पर चर्चा होने की संभावना है। इनमें आर्थिक सुधार, सामाजिक न्याय, और पर्यावरण संरक्षण से जुड़े विधेयक प्रमुख रहेंगे। सरकार की प्राथमिकता में जनहित से जुड़े मुद्दे शामिल हैं, जिन पर संसद में विस्तृत चर्चा होगी।

सत्र की चुनौतियां

इस सत्र के दौरान सरकार और विपक्ष के बीच विभिन्न मुद्दों पर तीखी बहसें होने की संभावना है। आर्थिक नीतियों, रोजगार, कृषि और शिक्षा जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर दोनों पक्षों के बीच मतभेद हो सकते हैं। इसके बावजूद, सभी सांसदों से यह अपेक्षा की जाती है कि वे रचनात्मक चर्चा में भाग लें और देश की प्रगति के लिए मिलकर काम करें।

समापन

18वीं लोकसभा के पहले सत्र का यह दिन इतिहास में महत्वपूर्ण स्थान रखेगा। नए सांसदों की शपथ ग्रहण, स्पीकर का चुनाव, और राष्ट्रपति का अभिभाषण इस सत्र को विशेष बनाएंगे। उम्मीद है कि सभी सदस्य सकारात्मक दृष्टिकोण के साथ संसद की कार्यवाही में हिस्सा लेंगे और देश के विकास के लिए योगदान देंगे।

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