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फराश खाना इलाके में दो मंजिला इमारत गिरने से बच्ची समेत तीन की मौत

देर रात राहत बचाव में लगे एनडीआरएफ की टीम ने मलबे में दबे एक बुजुर्ग महिला सहित दो बुजुर्गों के शव को बरामद किया

राजधानी दिल्ली के फराश खाना इलाके में रविवार रात दो मंजिला जर्जर इमारत गिरने से एक बच्ची सहित तीन लोगों की मौत हो गई है। चार वर्ष की बच्ची को रात में ही मृत घोषित कर दिया गया था और देर रात राहत बचाव में लगे एनडीआरएफ की टीम ने मलबे में दबे एक बुजुर्ग महिला सहित दो बुजुर्गों के शव को बरामद किया।

हादसे के बाद स्थानीय लोग और दमकल कर्मियों ने बच्ची सहित दस लोगों को मलबे से निकालकर हॉस्पिटल पहुंचाया था। जिसमें चार वर्ष की बच्ची खुशी को डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया था। अन्य घायलों का लोकनायक हॉस्पिटल में इलाज चल रहा है। पुलिस ने इस बाबत लापरवाही का मामला दर्ज कर जांच में जुट गई है। मलबे से निकाले गए बुजुर्गों की पहचान 75 वर्ष के सुलेमान और शगुफ्ता (70) के रूप में हुई है। दोनों इसी इमारत में रहते थे।

स्थानीय लोगों के अनुसार इमारत 100 वर्ष से भी ज्यादा पुरानी थी। इमारत के नीचे दो दुकानें बनी हुई थीं। लोगों ने बताया कि हादसा के वक्त रविवार शाम गली में स्थित मंदिर में वाल्मीकी जयंती का कार्यक्रम चल रहा था और इसलिए गली में वाहनों के जाने पर रोक लगा दी गई थी। शाम लगभग 7.30 बजे अचानक इमारत ढ़ह गई। इसका मलबा सामने और आसपास की इमारतों से सामने फैल गया।

इस दौरान गली में लगभग 20 से अधिक लोग मौजूद थे। ऐसे में मलबा उनपर भी गिरा। घटना के वक्त चार साल की खुशी अपने पिता सुखवीर के साथ उसी गली में दूध लेकर निकल रही तभी इमारत भरभरा कर गिर गयी और दोनों मलबे की चपेट में आए। 4 वर्ष की खुशी ने मौके पर ही दम दोड़ दिया और सुखवीर गंभीर रूप से घायल हो गए।

सुखवीर की पत्नी पूनम के मुताबकि सुखवीर का एक पैर काटना पड़ा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि घटना के वक्त इमारत में चार लोग सुलेमान, शगुफ्ता, निलोफर और सरकार बेगम मौजूद थी। हादसे के दौरान सुलेमान और शगुफ्ता की मौत हो गई। और इमारत में मौजूद निलोफर और सरकार बेगम को घायल होने के बाद हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया है। जहां उनका इलाज जारी है।

दोनों के सिर में गंभीर चोट आयी हैं। वहीं इमारत के मलबे की चपेट में आए राहगीरों में 4 वर्ष की खुशी, सुखवीर, अमारा, मोहम्मद इमरान, अंकित, अशोक, जिशान और विपिन हैं। यह सभी आसपास के इलाके में रहते हैं। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक़ दो से तीन लोग गंभीर रूप से घायल हैं। मृतक सुलेमान और शगुफ्ता की रिश्तेदार नगमा सहूर ने बताया कि शगुफ्ता उसकी मौसी थी और रविवार को उसकी मां की पांचवीं पुण्यतिथि थी। इसलिए वह लक्ष्मी नगर से अपनी मौसी के पास मिलने के लिए आई थी।

उसने बताया कि वह मौसी से मिलने के बाद जैसे ही अपने घर के लिए निकली। इसी दौरान इमारत गिर गई। वह इस हादसे में बाल बाल बची। घटना के बाद वहां चीख पुकार मच गया और लोग मलबा में फंसे लोगों को बाहर निकालने का प्रयास करने लगे। काफी मुशकत के बाद भी उनकी मौसी शगुफ्ता और रिश्तेदार सुलेमान को बाहर नहीं निकाला जा सका।

वहीं हादसे में घायल मोहम्मद इमरान के बड़े भाई मोहम्मद वारिस के मुताबिक़ इमरान दिल्ली के फराश खाना इलाके में अपनी पत्नी और दो बच्चों के साथ रहते हैं और दर्जी का काम करते हैं। वह रविवार को अपने मालिक से पैसे लेने के लिए आए थे। वह पैसे लेकर अपने घर लोट रहे थे लेकिन इसी दौरान वह इमारत के मलबे के चपेट में आ गए। हॉस्पिटल से उन्हें भाई के घायल होने की सुचना मिली। उनका एक पैर टूट गया है और उन्होंने बताया कि उनके भाई के पांच हजार और एक मोबाइल फोन गायब हो गया है।

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Gagandeep Singh

गगनदीप सिंह तेज़ तर्रार न्यूज़ चैनल में बतौर कंटेंट राइटर कार्य कर रहे है। जहां ये दिल्ली से जुड़ी सारी क्राइम की खबरें निडर होकर अपने लेख से लोगों तक पहुंचाते है

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