Yamuna Pollution Control: सफाई की दिशा में बड़ा कदम

केंद्र सरकार ने यमुना नदी को प्रदूषण‑मुक्त करने और उसकी ecological balance सुधारने के लिए एक major action plan जारी

Yamuna Pollution Control: सफाई की दिशा में बड़ा कदम

केंद्र ने हरियाणा और उत्तर प्रदेश को दिया अल्टीमेटम, गंगा व मुनक का पानी यमुना में बहाकर प्रदूषण से लड़ने का बड़ा कदम। केंद्र सरकार ने यमुना नदी को प्रदूषण‑मुक्त करने और उसकी ecological balance सुधारने के लिए एक major action plan जारी किया है। देश की इस महत्वपूर्ण नदी को फिर से साफ़ और जीवंत बनाना सरकार की प्राथमिकता बन गया है, जिसके तहत हरियाणा और उत्तर प्रदेश को साफ निर्देश दिए गए हैं कि वे यमुना में environmental flow बढ़ाने के उपाय तुरंत लागू करें।

सरकार ने ठोस कदम उठाते हुए कहा है कि यमुना की हालत में सुधार लाने के लिए Ganga और Munak Canal के पानी को सीधे वज़ीराबाद बैराज और नदी में मोड़ना आवश्यक है। इससे यमुना में पानी की मात्रा बढ़ेगी, जोकि नदी की स्वच्छता और जीवन‑धारा के लिए बेहद जरूरी है।

यमुना का pollution कम करने का प्लान

एक उच्च‑स्तरीय बैठक में अधिकारियों ने तीन मुख्य प्रोजेक्ट को मंज़ूरी दी है:

  1. Upper Ganga Canal से लगभग 800 क्यूसेक पानी वज़ीराबाद बैराज के माध्यम से यमुना में भेजना।

2. हरियाणा के Munak Canal से लगभग 100 क्यूसेक अतिरिक्त पानी नदी में छोड़ा जाना।

यमुना के पास Hathnikund Barrage से एक नया water stream तैयार कर नदी में गाद और waste जमाव को कम करना।
ये सभी कदम यमुना के environmental flow को बेहतर करने की दिशा में उठाए गए हैं।

ड्रेन और industrial effluents को नियंत्रित करना

सरकार ने साफ़ किया है कि केवल पानी जोड़ने से काम नहीं चलेगा, बल्कि यमुना में गंदा wastewater और chemical effluents को रोकना भी अहम है। इसके लिए sewage treatment plants (STPs) की output quality को बेहतर बनाने के लिए एक third‑party audit भी कराया जाएगा। इससे untreated sewage सीधे नदी में नहीं जाएगा।

राज्यों को pollution deadlines

केंद्र ने हरियाणा और उत्तर प्रदेश को कहा है कि वे 2026 तक अपने drains के पानी को नियमों के अनुसार treat करें ताकि अंदर बहने वाला पानी acceptable limits में हो। इस दिशा में Common Effluent Treatment Plants (CETPs) जैसे facilities बढ़ाने के आदेश भी दिए गए हैं।

यमुना की सफ़ाई में दिल्ली का रोल

दिल्ली सरकार पहले ही Sewerage Improvement Scheme (SIS) शुरू कर चुकी है ताकि राजधानी के sewer network को मजबूत किया जा सके और यमुना में untreated sewage का प्रवाह कम हो। साथ ही STPs की treatment capacity को भी upgrade करने पर काम चल रहा है।

पर्यावरण और जीवन के लिए अहम फैसला

यमुना केवल जल स्रोत नहीं है, बल्कि दिल्ली और आसपास के इलाकों के लिए जीवनरेखा की तरह है। इसका pollution बढ़ना स्वास्थ्य और पर्यावरण दोनों के लिए गंभीर चुनौती बन रहा है। केंद्र का यह ultimatum इस समस्या के समाधान की ओर एक बड़ा कदम माना जा रहा है।

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