दिल्ली

उफान पर यमुना का जलस्तर, 8000 लोगो को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया

हथिनीकुंड बैराज से पानी छोड़े जाने के कारण से यमुना नदी उफान पर आ गई है मंगलवार रात करीब 8 बजे तक नदी का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर...

हथिनीकुंड बैराज से पानी छोड़े जाने के कारण यमुना नदी उफान पर आ गई है। मंगलवार रात करीब 8 बजे तक नदी का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर 206.34 मीटर तक पहुंच गया। प्रशासन ने बाढ़ क्षेत्र से लगभग 8 हजार लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया है। अभी अन्य लोगों को बाहर निकालने का सिलसिला जारी है।

पूर्वी दिल्ली जिला प्रशासन का कहना है कि जलस्तर और ऊपर आने की आशंका है। हथिनीकुंड बैराज से सोमवार के दिन 2,95,212 क्यूसेक पानी छोड़ा गया था। यह छोड़ा गया पानी देर रात तक दिल्ली पहुंच सकता है। यमुना का पानी मंगलवार को सुबह लगभग सात बजे से अचानक बढ़ना शुरू हो गया था। इसके बाद नदी के किनारे रहने वाले लोग ऊंचाई वाले स्थानों की तरफ जल्दी से जाने लगे थे।

प्रशासन के लोग भी सिविल डिफेंस (Civil Defence) कर्मियों के साथ मौके पर पहुंच गए थे। स्थानीय लोगों ने नदी क्षेत्र से निकलकर मयूर विहार, अक्षरधाम, सराय काले खां, गीता कॉलोनी सहित दूसरे पुस्तों पर आसरा लिया। पूर्वी दिल्ली के एडीएम और बाढ़ के लिए बनाए गए नोडल अधिकारी पुनीत पटेल ने बताया है कि प्रभावितों को 8 जगहों पर रखा गया है। इनकी संख्या लगभग 7 से 8 हजार के करीब है और इसके साथ ही जरूरतमंदों को तिरपाल दिए गए हैं और सबके लिए खाने का इंतजाम भी किया गया है।

लोहे के पुल पर ट्रेनों का संचालन बंद, 100 से ज्यादा रेलगाड़ियां प्रभावित यमुना नदी के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए पुराने लोहे के पुल पर रेलगाड़ियां का संचालन रोक दिया गया है। इस वजह से पुरानी दिल्ली से संचालित होने वाली 100 से ज्यादा रेलगाड़ियां प्रभावित रहीं। 17 से ज्यादा ट्रेनें मार्ग में ही रोक दी गईं। कुल मिलाकर 19 रेलगाड़ियां निरस्त कर दी गईं। और 40 से ज्यादा रेलगाड़ियां को परिवर्तित मार्ग से चलाया गया।

इसकी वजह से यात्रियों को काफी परेशान होना पड़ा। सबसे ज्यादा दिक्कत उन यात्रियों की रही, जिनकी ट्रैन दिल्ली जाने के बजाय बीच रास्ते में ही रोक दी गई। डेढ़ सौ साल से ज्यादा पुराने लोहे के पुल पर ट्रेनों का आवागमन यमुना नदी में पानी बढ़ने के कारण रोक दिया गया है और पुल के नीचे चलने वाले वाहनों के लिए यातायात को प्रतिबंधित कर दिया गया है।

इसके चलते मंगलवार को 100 से ज्यादा रेलगाड़ियां प्रभावित रहीं। 17 से ज्यादा रेलगाड़ियां को मार्ग में ही रोक दिया गया। और 19 रेलगाड़ियां निरस्त कर दी गईं। इधर 40 से ज्यादा ट्रेनों का दिल्ली जंक्शन व साहिबाबाद जंक्शन के बीच रास्ता बदल दिया गया है। कई ट्रेनों का अंबाला छावनी जंक्शन से ही रास्ता बदल दिया गया।

यमुना नदी का जलस्तर बढ़ने के बाद मंगलवार दोपहर को पुराना लोहा पुल वाहनों की आवाजाही के लिए बंद कर दिया गया। बाढ़ की आशंका को देखते हुए राजधानी दिल्ली के शाहदरा जिला प्रशासन ने पुराना लोहा पुल बंद करने का फैसला किया। पुल बंद होने से ट्रैन और अन्य वाहनों का आवागमन बंद हो गया है। प्रशासन के अधिकारियों ने रेलवे और दिल्ली यातायात पुलिस से बात करने के बाद यह फैसला लिया है।

पुल बंद होने की सुचना समय से नहीं मिलने पर शास्त्री पार्क, गांधी नगर पुश्ता और मार्केट इलाके में बोहोत जाम लग गया। यातायात पुलिस ने आनन फानन में वाहनों को वैकल्पिक रास्तों पर भेजा। यातायात पुलिस को यहां की यातायात व्यवस्था को बहाल करने के लिए बोहोत मशक्कत करनी पड़ी। पुल को यातायात के लिए बंद करने के बाद से वहां वाहनों की लंबी लाइन लग गई। यातायात पुलिस ने यातायात को सुचारु करने के लिए दिल्ली के कैलाश नगर से पुरानी दिल्ली की ओर जाने वाले वाहनों को शास्त्री पार्क की तरफ मोड़ दिया।

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Gagandeep Singh

गगनदीप सिंह तेज़ तर्रार न्यूज़ चैनल में बतौर कंटेंट राइटर कार्य कर रहे है। जहां ये दिल्ली से जुड़ी सारी क्राइम की खबरें निडर होकर अपने लेख से लोगों तक पहुंचाते है

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