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दिल्ली शिक्षा विभाग ने मणिपुर हिंसा प्रभावित विद्यार्थियों के लिए जारी किए दिशानिर्देश

सरकार ने आदेश दिया है कि इन छात्रों को अंग्रेजी माध्यम के सेक्शन में प्रवेश दिया जाए, ताकि उनके सामने भाषाई बाधा उत्पन्न ना हो।

दिल्ली शिक्षा विभाग ने मणिपुर हिंसा प्रभावित विद्यार्थियों के लिए अहम फैसला लिया है और उन्हें दिल्ली के विद्यालय में नामांकन के संबंध में दिशानिर्देश जारी किया हैं। हिंसा प्रभावित विद्यार्थियों की शिक्षा प्रभावित नहीं हो, इसलिए दिल्ली सरकार ने शिक्षा विभाग को आदेश दिया था कि दस्तावेज के अभाव में भी उन्हें नामांकन दिया जाय। जिसके बाद एडिशनल डायरेक्टर नंदिनी महराज की अगुवाई में बैठक के बाद मणिपुर के विद्यार्थियों को दिल्ली से विद्यालयों में नामांकन के लिए जरूरी दिशानिर्देश जारी किए गए।

जारी दिशानिर्देश :

कक्षा IX तक के सभी छात्रों को अनंतिम प्रवेश दिया जाएगा। ग्यारहवीं कक्षा के छात्रों के लिए, प्रवेश मणिपुर स्कूल बोर्ड या सीबीएसई द्वारा जारी उनकी मार्कशीट के आधार पर होगा।

– स्कूल प्रमुख अनंतिम प्रवेश प्रदान करने और दिल्ली का आवासीय प्रमाण प्राप्त करने में छात्रों की सहायता करने के लिए जिम्मेदार हैं।

– अनिश्चित निवास और उनके माता-पिता की नौकरी की स्थितियों के कारण छात्रों को होने वाली संभावित कठिनाइयों को ध्यान में रखते हुए, दिशानिर्देश सहानुभूतिपूर्ण दृष्टिकोण पर जोर देते हैं।

– स्कूलों को माता-पिता और छात्रों को दिल्ली के स्कूलों में ढलने में सहायता के लिए शैक्षिक और व्यावसायिक मार्गदर्शन परामर्शदाताओं (ईवीजीसी) की सेवाएं प्रदान करने की आवश्यकता है।

– प्रत्येक जिले में एक नामित नोडल प्रभारी होगा जो मणिपुर से विस्थापित छात्रों की प्रवेश प्रक्रिया को संभालने के लिए जिम्मेदार होगा।

– संचार की सुविधा के लिए और नाम, पता और उम्र जैसी छात्र जानकारी में किसी भी विसंगति को सुधारने के लिए, कुकी छात्र संगठन दिल्ली और एनसीआर प्रत्येक जिला शिक्षा उप निदेशक (डीडीई) के साथ काम करने के लिए एक प्रतिनिधि नियुक्त करेगा।

साथ ही सरकार ने आदेश दिया है कि इन छात्रों को अंग्रेजी माध्यम के सेक्शन में प्रवेश दिया जाए, ताकि उनके सामने भाषाई बाधा उत्पन्न ना हो।

बता दें कि एक कार्यक्रम के दौरान मणिपुर हिंसा पीड़ित विद्यार्थियों के लिए दिल्ली विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो योगेश सिंह ने भी हर संभव मदद करने की बात कही। उन्होंने आगे कहा कि इस संबंध में विद्यार्थी डीयू प्रशासन से संपर्क कर सकता हैं।

Accherishteyये भी पढ़े: मणिपुर हिंसा : महिला कांग्रेस का जंतर-मंतर पर प्रदर्शन, सरकार से इस्तीफे की मांग

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