शिक्षा

गुजरात: शिक्षा की बदहाली – 300 से ज्यादा स्कूल एक कमरे में, 1400 पद खाली

गुजरात, जो अक्सर विकास और समृद्धि के लिए जाना जाता है, शिक्षा के क्षेत्र में एक चिंताजनक स्थिति का सामना कर रहा है। राज्य में 300 से अधिक प्राथमिक स्कूल ऐसे हैं जो एक ही कमरे में संचालित हो रहे हैं। शिक्षा विभाग में 1400 से अधिक पद खाली हैं, जो शिक्षा की गुणवत्ता पर गंभीर प्रभाव डाल रहा है।

यह जानकारी शिक्षा मंत्री कुबेर डिंडोर ने विधानसभा में एक लिखित जवाब में दी थी। उन्होंने बताया कि 341 सरकारी प्राथमिक स्कूल एक ही कमरे में चल रहे हैं, जबकि 1459 प्रशासनिक अधिकारियों के पद खाली हैं।

यह स्थिति शिक्षा के क्षेत्र में सरकार की उदासीनता को उजागर करती है। एक कमरे में चल रहे स्कूलों में बच्चों को उचित शिक्षा प्रदान करना असंभव है। शिक्षकों की कमी के कारण, छात्रों को आवश्यक ध्यान और मार्गदर्शन नहीं मिल पा रहा है।

इसके अलावा, बुनियादी सुविधाओं की कमी भी शिक्षा की गुणवत्ता को प्रभावित कर रही है। कई स्कूलों में बिजली, पानी और शौचालय जैसी बुनियादी सुविधाओं का अभाव है।

यह स्थिति राज्य के भविष्य के लिए चिंताजनक है। शिक्षा ही वह आधार है जिस पर समाज का विकास और प्रगति निर्भर करती है। यदि सरकार शिक्षा के क्षेत्र में सुधार नहीं करती है, तो यह राज्य के विकास को बाधित करेगा।

इस समस्या का समाधान करने के लिए सरकार को तत्काल कदम उठाने की आवश्यकता है। खाली पदों को जल्द से जल्द भरना होगा, और स्कूलों में बुनियादी सुविधाओं का विकास करना होगा। इसके अलावा, सरकार को शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार के लिए योजनाएं बनानी चाहिए और उन्हें लागू करना चाहिए।

शिक्षा समाज की नींव है, और सरकार को इसकी मजबूती के लिए हर संभव प्रयास करना चाहिए।

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