NEET Kanthi Controversy: कंठी पर बवाल, एग्जाम से पहले रो पड़ी छात्रा
Kanthi Controversy NEET Exam: जब हिंदू राष्ट्र की बात करते हो, तो कंठी क्यों उतरवाई जा रही है? मैं लाहौर-रावलपिंडी में नहीं, सूरत में हूं।

Kanthi Controversy NEET Exam: 3 मई 2026 को NEET परीक्षा आयोजित की गई थी। परीक्षा के बाद सोशल मीडिया पर कई तरह के वीडियो वायरल हो गए। इन्हीं में से एक वीडियो अभी काफी चर्चा में है, जिसमें NTA के सख्त नियम, एक पिता का गुस्सा और बेटी की मासूमियत साफ तौर पर दिखाई दे रही है।
बता दें कि ये मामला गुजरात के सूरत के अमरोली इलाके में स्थित एक स्कूल का है, जहां पर परीक्षा केंद्र बनाया गया था। यहां परीक्षा देने आई एक छात्रा को गले में पहनी कंठी (माला) की वजह से प्रवेश नहीं दिया गया। कंठी उतारने को लेकर मौके पर काफी ज्यादा विवाद हो गया। वायरल वीडियो में छात्रा रोती हुई नजर आ रही है, जबकि उसके पिता काफी गुस्से में दिखाई दे रहे हैं।
नियम बनाम आस्था का टकराव
NEET परीक्षा के दौरान छात्रा से गले की कंठी उतरवाना एक छोटी या मामूली घटना नहीं रही, बल्कि भावनाओं से जुड़ा बड़ा मामला बन गया।परीक्षा केंद्र पर हुआ यह विवाद सिर्फ नियम और आस्था के बीच का टकराव नहीं था, बल्कि उस परिवार के लिए तनाव, उलझन और आंसुओं से भरा पल बन गया था
जानकारी के अनुसार कुछ समय के लिए वहां का माहौल काफी तनावपूर्ण हो गया। एक तरफ पिता की नाराजगी साफ दिख रही थी, तो दूसरी तरफ बेटी चुपचाप खड़ी थी। इसी बीच परीक्षा का वक्त भी नजदीक आ रहा था, जिससे छात्रा के लिए अपने सपनों तक पहुंचना ज्यादा मुश्किल होता नजर आ रहा था।
मैं लाहौर-रावलपिंडी में नहीं हूं… – छात्रा के पिता
बता दें कि कंठी उतरवाने को लेकर छात्रा के पिता का गुस्सा फूट पड़ा और उन्होंने परीक्षा केंद्र के बाहर जमकर हंगामा किया। गुस्से में उन्होंने कहा, “जब हिंदू राष्ट्र की बात करते हो, तो कंठी क्यों उतरवाई जा रही है? मैं लाहौर-रावलपिंडी में नहीं, सूरत में हूं।
जानकारी के मुताबिक पिता ने इस बात पर अड़े रहे कि उनकी बेटी कंठी पहनकर ही exam देगी। इसके लिए वह बार-बार बेटी को क्लासरूम से बाहर बुलाने की मांग करते रहे।
कंठी विवाद में रो पड़ी छात्रा
क्या आप जानते है जब NEET परीक्षा देने पहुंची छात्रा के गले से जब कंठी उतरवाई गई, तो माहौल और भी भावुक हो गया था। एक तरफ पिता की जिद थी कि बेटी फिर से कंठी पहने, वहीं परीक्षा का समय भी नजदीक आ रहा था। इन सब के दबाव में छात्रा खुद को संभाल नहीं पाई और रोने लगी। हालात ऐसे हो गए कि उसने खुद ही कंठी पहनने से मना कर दिया, लेकिन पिता इस बात पर अडे रहे की उनकी बेटी कंठी पहन के ही परीक्षा दें.।
परीक्षा शुरू होने से पहले ही छात्रा मानसिक रूप से कमजोर पड़ती नजर आई। इसके साथ ही वहां मौजूद लोगों ने भी पिता को समझाने की कोशिश की और कहा कि कंठी को लेकर जिद करना बेटी के करियर पर असर डाल सकता है। फिलहाल इस बीच पिता ने ये आरोप लगाया कि उनकी बेटी को परीक्षा से पहले धार्मिक प्रतीक हटाने के लिए मजबूर किया गया। हालांकि, हैरानी की बात ये है कि जब उन्होंने अपने एक परिचित से बात की, तो जानकारी मिली कि दूसरे केंद्रों पर ऐसा नहीं हुआ।
बहरहाल, अब इस पूरे मामले के बाद परीक्षा केंद्र के नियमों पर सवाल उठ रहे हैं। कई लोगों का कहना है कि कंठी से किसी तरह की कोई गैरकानूनी गतिविधि संभव नहीं है, तो फिर परीक्षा केंद्र में इतनी सख्ती क्यों?
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