Rajpal Yadav Cheque Bounce Case: राजपाल यादव को सरेंडर के निर्देश
अदालत ने यह आदेश अभिनेता द्वारा बार-बार किए गए भुगतान वादों को पूरा न करने और न्यायिक प्रक्रिया का उल्लंघन करने के चलते दिया।

Rajpal Yadav Cheque Bounce Case: बॉलीवुड अभिनेता राजपाल यादव की कानूनी परेशानियाँ कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। दिल्ली हाईकोर्ट ने चेक बाउंस से जुड़े एक पुराने मामले में सख्त रुख अपनाते हुए उन्हें 4 फरवरी 2026 तक संबंधित जेल अधीक्षक के समक्ष आत्मसमर्पण करने का निर्देश दिया है। अदालत ने यह आदेश अभिनेता द्वारा बार-बार किए गए भुगतान वादों को पूरा न करने और न्यायिक प्रक्रिया का उल्लंघन करने के चलते दिया।
यह मामला दिल्ली स्थित कंपनी मेसर्स मुरली प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड से जुड़ा है, जिसने राजपाल यादव की कंपनी को फिल्म निर्माण के लिए बड़ी राशि उपलब्ध कराई थी। आरोप है कि तय समय पर भुगतान न होने के कारण कंपनी ने नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट्स एक्ट, 1881 की धारा 138 के तहत मामला दर्ज कराया था।
इस केस की सुनवाई कर रहीं जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा ने अभिनेता के रवैये पर कड़ी नाराजगी जताई। अदालत ने कहा कि राजपाल यादव को कई अवसर दिए गए, लेकिन उन्होंने शिकायतकर्ता को किए गए वादों को निभाने में लगातार असफलता दिखाई। कोर्ट के अनुसार, बार-बार आश्वासन देकर भुगतान न करना न्यायिक प्रणाली के साथ खिलवाड़ है और इसे बर्दाश्त नहीं किया जा सकता।
गौरतलब है कि इस मामले में राजपाल यादव और उनकी पत्नी को पहले छह महीने की साधारण कैद की सजा सुनाई गई थी। हालांकि, 28 जून 2024 को एक समन्वय पीठ ने उनकी सजा पर रोक लगा दी थी, यह मानते हुए कि वे आदतन अपराधी नहीं हैं और आपसी सहमति से समाधान निकालना चाहते हैं। इसके बाद मामला मध्यस्थता (मेडिएशन) के लिए भेजा गया।
मेडिएशन प्रक्रिया के दौरान भी अभिनेता ने कई बार भुगतान के लिए समय मांगा। उन्होंने अदालत को आश्वासन दिया था कि वह कुल 2.5 करोड़ रुपये की राशि 40 लाख और 2.10 करोड़ रुपये की किश्तों में चुकाएंगे। लेकिन तय की गई किसी भी समय-सीमा में रकम जमा नहीं की गई।
कोर्ट ने यह भी नोट किया कि राजपाल यादव ने न तो रजिस्ट्रार जनरल के पास डिमांड ड्राफ्ट जमा किया और न ही उसमें बताई गई खामियों को दूर करने के लिए कोई प्रयास किया। इसके अलावा, अनुमति या स्पष्टीकरण के लिए भी कोई औपचारिक आवेदन दायर नहीं किया गया।
अंततः हाईकोर्ट ने आदेश दिया कि राजपाल यादव 4 फरवरी 2026 को शाम 4 बजे तक ट्रायल कोर्ट द्वारा दी गई सजा काटने के लिए जेल अधीक्षक के समक्ष सरेंडर करें। अभिनेता के वकील ने मुंबई में काम का हवाला देकर समय मांगा था, जिसके बाद अदालत ने यह सीमित राहत दी। मामले की अगली सुनवाई 5 फरवरी 2026 को तय की गई है, ताकि जेल प्रशासन द्वारा आदेश के अनुपालन की पुष्टि की जा सके।
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