धर्मफैक्ट्स

हिंदू व्रत में खाए जाने वाला सैंधा नमक कहा से आता है?

हिंदुओं में किसी काम के पूरा हो जाने पर भी हम व्रत रखते हैं। व्रत में इस्तेमाल किया जाने वाला नमक भी खास तरीके का होता है।

हिंदुओं में व्रत की बहुत मान्यता है। किसी काम के पूरा हो जाने पर भी हम व्रत रखते हैं। व्रत में इस्तेमाल किया जाने वाला नमक भी खास तरीके का होता है।

इस बात से आप सभी वाकिफ होंगे कि कुछ खास व्रत जैसे की नवरात्रों के व्रत में भी नमक का प्रयोग किया जाता है।हिंदूओं में सेंधा नमक को पवित्र नमक माना जाता है।

इसे अंग्रेजी में रॉक सॉल्ट कहा जाता है। इस नमक की खासियत है कि इसे रिफाइन नहीं किया जाता। सेंधा नामक में पोटैशियम, मैग्नीशियम और कैल्शियम पाया जाता है।

यही कारण है कि यह नामक व्रत के दिनों में शरीर के लिए बेहतर होता है। सेंधा नमक को ‘सेंधा’ इसीलिए कहा जाता है क्योंकि इसे सिंध के इलाके से लाया गया था।

दरअसल, पाकिस्तान के पश्चिमोत्तर पंजाब में नमक कोह नाम की मशहूर पहाड़ी है। बता दे कि यहां मौजूद खेवड़ा नमक खदान दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी नमक की खान के रूप से जानी जाती है।

जानकारी के अनुसार, इस खान में नमक की मात्रा इतनी है कि अगर पूरी दुनिया में नमक खत्म भी हो जाए तो आने वाले 500 सालों में यहां से नमक की सप्लाई की जा सकती है।

इतिहासकारों की मानें तो इस खान की खोज सिकंदर के समय में हुई थी। जब सिकंदर ने खेवड़ा इलाके में धावा बोला तो वहां उसके घोड़ों नें दीवारों को चाटना शुरू कर दिया।

जिसके बाद पता चला कि यहां नमक की खान है। बता दें कि खेवड़ा खान में आज के समय 40 किलोमीटर का लंबा टनल है।

Insta loan services

ये भी पढ़े: चैत्र नवरात्री का पहला दिन, जानें आज के दिन पूजने वाली मां शैलपुत्री के नाम का अर्थ

Aanchal Mittal

आँचल तेज़ तर्रार न्यूज़ में रिपोर्टर व कंटेंट राइटर है। इन्होने दिल्ली के सोशल व प्रमुख घटनाओ पर जाकर रिपोर्टिंग की है व अपनी कवरेज में शामिल किया है। आम आदमी की समस्याओ को इन्होने अपने सवालो द्वारा पूछताछ करके चैनल तक पहुँचाया है।

Related Articles

Leave a Reply

Back to top button