रेबीज को अधिसूचित रोग घोषित करने की तैयारी, जल्द जारी होगी अधिसूचना
अधिसूचना लागू होने के बाद राजधानी के सभी सरकारी और निजी अस्पताल, मेडिकल कॉलेज, और निजी प्रैक्टिस करने वाले चिकित्सक इसके दायरे में आएंगे।

दिल्ली सरकार ने रेबीज को महामारी रोग अधिनियम के तहत अधिसूचित रोग घोषित करने का निर्णय लिया है। इसके लिए जल्द ही आधिकारिक अधिसूचना जारी की जाएगी। इस कदम का उद्देश्य राजधानी में रेबीज के मामलों की प्रभावी निगरानी, समय पर रिपोर्टिंग और बीमारी के प्रसार को रोकने के लिए मजबूत सार्वजनिक स्वास्थ्य व्यवस्था तैयार करना है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व में स्वास्थ्य विभाग ने इस दिशा में प्रक्रिया शुरू कर दी है।
अधिसूचना लागू होने के बाद राजधानी के सभी सरकारी और निजी अस्पताल, मेडिकल कॉलेज, क्लीनिक और निजी प्रैक्टिस करने वाले चिकित्सक इसके दायरे में आएंगे। इंसानों में रेबीज के संदिग्ध, संभावित और पुष्ट मामलों की जानकारी तुरंत संबंधित स्वास्थ्य प्राधिकरण को देना अनिवार्य होगा। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, रेबीज के लक्षण सामने आने के बाद यह लगभग जानलेवा साबित होता है, लेकिन समय रहते सही इलाज मिलने पर इसे पूरी तरह रोका जा सकता है।
राजधानी में वैक्सीन और सीरम की मौजूदा व्यवस्था
रेबीज से बचाव के लिए शुरुआती रिपोर्टिंग और त्वरित उपचार सबसे अहम माना जाता है। इसी को ध्यान में रखते हुए दिल्ली के 11 जिलों में स्थित 59 स्वास्थ्य संस्थानों में एंटी-रेबीज वैक्सीन की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। इसके अलावा, एंटी-रेबीज सीरम या रैबीज इम्यूनोग्लोब्युलिन दिल्ली के 33 चिन्हित अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों में मौजूद है। सरकार का दावा है कि यह व्यवस्था रेबीज से होने वाली मौतों को रोकने में प्रभावी भूमिका निभा रही है।
स्टेट एक्शन प्लान को अंतिम रूप
दिल्ली सरकार स्थानीय निकायों, पशुपालन विभाग और अन्य संबंधित एजेंसियों के साथ मिलकर रेबीज उन्मूलन के लिए एक स्टेट एक्शन प्लान को अंतिम रूप दे रही है। रेबीज को अधिसूचित रोग घोषित करना कुत्तों के काटने से होने वाली मौतों को शून्य करने के लक्ष्य की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इसके साथ ही, कुत्तों और अन्य जानवरों के लिए वैक्सीनेशन कार्यक्रमों को भी और मजबूत किया जा रहा है।
रेबीज पूरी तरह रोकी जा सकने वाली बीमारी
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कि इस अधिसूचना से रेबीज के मामलों के रुझान पर नजर रखने, जोखिम वाले इलाकों की पहचान करने और लक्षित रोकथाम उपाय लागू करने में मदद मिलेगी। दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. पंकज कुमार सिंह ने कहा कि रेबीज एक पूरी तरह रोकी जा सकने वाली बीमारी है और इससे होने वाली कोई भी मौत अस्वीकार्य है। अधिसूचना लागू होने से सर्विलांस सिस्टम और अधिक मजबूत होगा, जिससे समय रहते जीवन बचाया जा सकेगा।









