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विश्व के पहले चलते-फिरते स्वास्थ्यकेंद्र का गुरुग्राम में हुआ उद्घाटन

बनाने में किसी विदेशी टेक्नोलॉजी या किसी विदेशी इंजीनियर का नहीं लिया गया है सहयोग, देश के वैज्ञानिकों और इंजीनियरों का है योगदान

गुरुग्राम में दुनिया का पहला पोर्टेबल अस्पताल शनिवार को शुरू किया गया है। यह अस्पताल भारतीय वैज्ञानिकों और इंजीनियरों द्वारा डिजाइन किया गया है और इसे विदेशी सहायता के बिना तैयार किया गया है।

 

आरोग्य मैत्री क्यूब पैकर्स प्रोडक्ट्स के प्रबंध निदेशक अमित चौधरी ने बताया कि यह अस्पताल किसी भी आपातकालीन क्षेत्र में चाहे वो भूकंप, बाढ़ या जंगल की आग हो, घंटे के भीतर स्थापित किया जा सकता है।

 

स्वदेशी रूप से निर्मित इस अस्पताल का उद्देश्य 15 मिनट के भीतर सर्जिकल स्टेशन स्थापित करना है और किसी भी समय 200 रोगियों का इलाज कर सकता है।

 

भीष्म भारत हेल्थ इनिशिएटिव फॉर सहयोग हित और मैत्री बल के प्रमुख एयर वॉइस मार्शल तन्मय रॉय ने दावा किया कि किसी भी आपदा के दौरान 15 मिनट के भीतर सर्जिकल स्टेशन स्थापित किया जा सकता है।

 

यह अस्पताल “आरोग्य मैत्री परियोजना” के तहत निर्मित किया गया है और स्वास्थ्य मंत्रालय, रक्षा मंत्रालय और राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद द्वारा संयुक्त रूप से विकसित किया गया है।

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