5 रुपये के Snack ने छीनी 8 साल के मासूम की आंखों की रोशनी
Snack Packet Toy Blast: बच्चे ने चिप्स खाया. उसके बाद पैकेट के अंदर छोटा खिलौना निकला था. अंकेश ने उस खिलौने को खेल-खेल में आग में डाल दिया.

Snack Packet Toy Blast: ओडिशा के बालांगीर जिले के पटनागढ़ इलाके से एक ऐसी घटना सामने आई है जो आपको भी झकझोर कर रख देगी. ये मामला टिटिलागढ़ पुलिस थाना क्षेत्र के शागदघाट गांव का है जहां 8 साल का बच्चा अंकेश हरपाल इस खतरनाक हादसे का शिकार हो गया. अंकेश तीसरी कक्षा का छात्र है और उसके पिता का नाम लाब हरपाल है.
घटना कब घटी?
आपको बता दें कि रविवार शाम को अंकेश ने गांव की एक दुकान से 5 रूपये वाला लाइटहाउस कॉर्न पफ का पैकेट खरीदा, पहले बच्चे ने चिप्स खाया. उसके बाद पैकेट के अंदर से जो छोटा खिलौना निकला था. अंकेश ने उस खिलौने को खेल-खेल में आग में डाल दिया.
आंख की रोशनी पूरी तरह खत्म हो गई
Snack Packet Toy Blast: जैसे ही उसने खिलौना आग में डाला अचानक तेज़ धमाके के साथ खिलौना फट गया. धमाका इतना जोरदार था कि उसका असर सीधे बच्चे की आंख पर पड़ा. जानकारी के अनुसार विस्फोट से उसकी आंख की पुतली पूरी तरह से फट गई. अंकेश दर्द से चीखने लगा और अचानक घर में अफरा-तफरी मच गई. परिवार वाले उसे तुरंत टिटिलागढ़ हॉस्पिटल लेकर गए. वहां डॉक्टरों ने जांच के बाद ये जानकारी दी कि बच्चे की आंख को गंभीर और स्थायी नुकसान हुआ है. डॉक्टरों के अनुसार अब उस आंख की रोशनी कभी वापस नहीं आ सकती है.
थाने में शिकायत दर्ज कराई गई
इस दुखद घटना के बाद बच्चे के माता-पिता ने टिटिलागढ़ पुलिस थाने में इस मामले की लिखित शिकायत दी है. उनका ये कहना है कि स्नैक पैकेट के अंदर जो खिलौना दिया गया था वो बेहद खतरनाक था. उन लोगों द्वारा ऐसे उत्पादों पर पूरी तरह रोक लगाने की गुहार लगाई गई है. इसके साथ ही उन्होंने कंपनी के खिलाफ सख्त कार्रवाई और अपने 8 साल के मासूम बच्चे के इलाज और भविष्य के लिए मुआवजे की भी मांग की है.
मामले की छानबीन में जुटी पुलिस
Snack Packet Toy Blast: फिलहाल पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और पूरे मामले की जांच शुरू कर दी गई है. पुलिस यह खोजने का प्रयास कर रही है कि खिलौना किस तरह का था और आखिर वह इतना खतरनाक कैसे निकला.
हादसे से परिवार गहरे सदमे में है
इस खौफनाक हादसे के बाद बच्चे की मां भानुमती हरपाल का रो-रोकर हाल बेहाल हो गया है. मां का कहना है कि उनका बेटा पूरी तरह से बर्बाद हो गया है. मां ने ये भी बताया कि उन्होंने बेटे को बिस्किट लाने के लिए पैसे दिए थे लेकिन बच्चा चिप्स का पैकेट ले आया. उनके अनुसार अगर बच्चा जन्म से ही आंखों से नहीं देख पाता तो शायद उन लोगों को इतनी तकलीफ नही होती, लेकिन सालों तक अंकेश को ठीक बच्चे की तरह पालने के बाद अचानक उसकी आंख की रोशनी चली जाना उन सबके लिए ये गहरा सदमा है
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