Bangladesh : 155 बच्चों की जान गई 15 हजार लापता,आंकड़ों ने मचाई सनसनी
लेकर सामने आए आंकड़े चिंता बढ़ाने वाले हैं। स्थानीय मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, देश में जनवरी से अगस्त 2026 के बीच हिंसा से जुड़ी.........

Bangladesh : लेकर सामने आए आंकड़े चिंता बढ़ाने वाले हैं। स्थानीय मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, देश में जनवरी से अगस्त 2026 के बीच हिंसा से जुड़ी अलग-अलग घटनाओं में कम से कम 155 बच्चों की मौत हुई। इनमें अपहरण के बाद हत्या, यौन हिंसा, शारीरिक प्रताड़ना और पारिवारिक विवाद से जुड़े मामले शामिल हैं। ढाका स्थित मानवाधिकार संगठन आइन ओ सालिश केंद्र (ASK) के आंकड़ों के अनुसार, साल के शुरुआती आठ महीनों के दौरान लापता हुए 36 बच्चों के शव बरामद किए गए। वहीं, 68 बच्चों की मौत शारीरिक प्रताड़ना से जुड़ी घटनाओं में हुई, जबकि 49 बच्चों की जान परिवार के भीतर हुई हिंसा के मामलों में गई।
रेप के बाद हत्या के भी कई मामले
मानवाधिकार संगठन ने बच्चों के खिलाफ यौन हिंसा से जुड़े मामलों को लेकर भी आंकड़े जारी किए हैं। रिपोर्ट के अनुसार, 26 ऐसे मामलों की जानकारी सामने आई, जिनमें बच्चों के साथ बलात्कार के बाद उनकी हत्या कर दी गई। इन पीड़ितों में दो लड़के भी शामिल थे। इसके अलावा चार बच्चों की मौत कथित तौर पर बलात्कार के प्रयास के बाद हुई। तीन बच्चों को गोली मारकर हत्या किए जाने के मामले भी सामने आए हैं। रिपोर्ट में घरेलू काम करने वाले दो बच्चों की शारीरिक प्रताड़ना के चलते मौत का भी उल्लेख है। वहीं, दो बच्चों की हत्या पीछा करने यानी स्टॉकिंग से जुड़े मामलों में हुई। एक बच्चे की जान कथित अपहरण के बाद ले ली गई।
99 मामलों में आत्महत्या और रहस्यमय मौतें
‘ढाका ट्रिब्यून’ की रिपोर्ट के अनुसार, इसी अवधि में ASK ने बच्चों से जुड़े आत्महत्या, संदिग्ध परिस्थितियों में मौत और शव मिलने के 99 मामलों को भी दर्ज किया। रिपोर्ट में यह भी सामने आया कि कई घटनाओं में आरोपी पीड़ित बच्चों के परिचित या जान-पहचान वाले लोग बताए गए हैं। मानवाधिकार संगठन के आंकड़े संकेत देते हैं कि लापता बच्चों के शव मिलने की घटनाएं भी बच्चों के खिलाफ हिंसा के व्यापक मामलों का हिस्सा हैं।
सात महीने में 15,717 बच्चे लापता
बच्चों के लापता होने के आंकड़े भी चिंता पैदा करने वाले हैं। सितंबर की शुरुआत में बांग्लादेश पुलिस मुख्यालय की ओर से जारी जानकारी के मुताबिक, जनवरी से जुलाई 2026 के बीच देशभर में 15,717 बच्चों के लापता होने की रिपोर्ट दर्ज हुई। इनमें से 13,679 बच्चों को तलाश लिया गया, जबकि 2,038 बच्चे अब भी लापता बताए गए हैं। यानी दर्ज मामलों में करीब 13 फीसदी बच्चों का पता अभी तक नहीं चल पाया है। मानवाधिकार संगठनों और पुलिस के इन आंकड़ों ने बांग्लादेश में बच्चों की सुरक्षा, लापता होने की घटनाओं और उनके खिलाफ हो रही हिंसा को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।









