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केंद्र सरकार ने जमाखोरी और कीमतों पर नियंत्रण के लिए गेहूं स्टॉक की सीमा घटाई

तत्काल प्रभाव से थोक, खुदरा, बड़े खुदरा विक्रेताओं और प्रसंस्करण फर्मों के लिए घटाई गई गेहूं की स्टॉक सीमा

सरकार ने गेहूं की स्टॉक सीमा कम करने का फैसला किया है ताकि खाद्य उत्पादों की कीमतों को नियंत्रित किया जा सके। इसके तहत, गेहूं की बड़ी विक्रेताओं के लिए भंडारण की सीमा को घटाकर, उन्हें अब कम ही गेहूं रखने की अनुमति है।

 

खुदरा विक्रेताओं और थोक व्यापारियों के लिए भी इसमें कटौती की गई है। अब, उन्हें भी कम ही गेहूं भंडारित करने की अनुमति है। व्यापारिक संगठनों को अब पोर्टल पर पंजीकृत करना होगा और उन्हें सप्ताहांत को अपने स्टॉक की जानकारी भी प्रस्तुत करनी होगी।

 

सरकार द्वारा यह कदम इस बात का संकेत करता है कि वो खाद्य उत्पादों की उपलब्धता और कीमतों को संतुलित बनाए रखने के लिए कठोर कदम उठा रही है। इसके साथ ही, ‘भारत आटा’ ब्रांड के तहत गेहूं के विक्रय के लिए भी कदम उठाया गया है।

 

संगठनों को गेहूं की अधिक संग्रह और वितरण के लिए भी दिशा मिल रही है ताकि खाद्य उत्पादों की उपलब्धता में कोई कमी न हो। इससे लोगों को सस्ता और उपलब्ध खाद्य सामग्री मिल सके।

 

इस पर नियंत्रण रखने के लिए, सरकार गेहूं के रिटेल मार्गदर्शक मूल्यों की निगरानी कर रही है ताकि बाजार में इसकी कीमतें नियंत्रित रहें। यह सभी उपाय खाद्य सुरक्षा और सार्वजनिक स्वास्थ्य के दृष्टिकोण से महत्त्वपूर्ण हैं।

Accherishtey

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