Delhi LPG Crisis: सिलेंडर के लिए भटक रहे लोग, दुकानदारों की बढ़ी चिंता
कैटरिंग संचालकों के अनुसार गैस सिलेंडर समय पर उपलब्ध नहीं हो पाने से भोजन तैयार करने में काफी परेशानी हो रही है।

Delhi LPG Crisis: राजधानी दिल्ली में एलपीजी और कमर्शियल गैस सिलेंडर की अनियमित आपूर्ति का असर अब आम जनजीवन के साथ-साथ शादियों और बड़े आयोजनों पर भी साफ दिखाई देने लगा है। गैस की कमी के चलते कई परिवारों ने शादी और समारोह के मेन्यू में कटौती शुरू कर दी है। कैटरिंग कारोबार से जुड़े लोगों का कहना है कि पहले जहां शादियों में 20 से 25 तरह के व्यंजन तैयार किए जाते थे, वहीं अब कई जगहों पर 30 से 40 प्रतिशत तक आइटम कम कर दिए गए हैं।
कैटरिंग संचालकों के अनुसार गैस सिलेंडर समय पर उपलब्ध नहीं हो पाने से भोजन तैयार करने में काफी परेशानी हो रही है। कई बार उन्हें खाना बनाने के लिए वैकल्पिक ईंधन का सहारा लेना पड़ता है, जिससे लागत भी बढ़ जाती है। ऐसे में आयोजकों को मेन्यू छोटा करना पड़ रहा है। कई परिवार केवल मुख्य भोजन यानी मेनकोर्स तक ही सीमित हो रहे हैं, जबकि स्टार्टर, स्नैक्स और मिठाइयों की संख्या कम कर दी गई है या उन्हें पूरी तरह हटा दिया गया है।
छोटे कारोबारियों पर सबसे ज्यादा असर
कमर्शियल गैस की कमी का सबसे ज्यादा असर छोटे कारोबारियों पर पड़ रहा है। ढाबे, रेस्टोरेंट, फास्टफूड स्टॉल और चाय की दुकानों के संचालक इस समस्या से जूझ रहे हैं। कई दुकानदारों का कहना है कि पिछले कुछ दिनों से उन्हें कमर्शियल गैस सिलेंडर नहीं मिल पा रहा है। मजबूरी में वे घरों में इस्तेमाल होने वाले घरेलू सिलेंडर से काम चला रहे हैं।
कुछ दुकानदारों ने बताया कि अगर जल्द ही गैस की नियमित आपूर्ति शुरू नहीं हुई तो उन्हें दुकान बंद करने तक की नौबत आ सकती है। उनका कहना है कि घरेलू सिलेंडर भी सीमित समय तक ही चल सकता है और लगातार उसी पर काम करना संभव नहीं है। इससे उनकी रोजी-रोटी पर सीधा असर पड़ रहा है।
सिलेंडर के लिए एजेंसियों के बाहर लंबी कतारें
गैस की किल्लत का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि लोग सुबह-सुबह गैस एजेंसियों के बाहर लाइन में लगने लगे हैं। कई उपभोक्ता सुबह छह बजे से ही एजेंसी के बाहर अपनी बारी का इंतजार करते दिखाई दे रहे हैं। राजधानी के नजफगढ़, शक्ति नगर, बुद्ध नगर, सागरपुर, गीता कॉलोनी, त्रिलोकपुरी, रमेश पार्क, खिचड़ीपुर, गाजीपुर और आसपास के कई इलाकों में यही स्थिति देखने को मिल रही है।
लोगों का कहना है कि गैस की आपूर्ति नियमित नहीं होने से उन्हें काफी परेशानी हो रही है। कई उपभोक्ताओं को गैस की बुकिंग किए कई दिन बीत चुके हैं, लेकिन अभी तक सिलेंडर की डिलीवरी नहीं हुई है। कुछ लोगों को एजेंसी के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं, तो कई लोग डिलीवरी बॉय से संपर्क करने की कोशिश में लगे हुए हैं।
हजारों बुकिंग पेंडिंग
कुछ उपभोक्ताओं ने बताया कि गैस एजेंसियों में बुकिंग का लंबा बैकलॉग बन गया है। एक उपभोक्ता के मुताबिक उसने करीब दस दिन पहले सिलेंडर बुक कराया था, लेकिन अब तक डिलीवरी नहीं हुई। एजेंसी से जानकारी मिली कि हजारों बुकिंग अभी लंबित हैं और धीरे-धीरे सप्लाई की जा रही है। इसी कारण कई लोग खुद ही गैस एजेंसी पहुंचकर सिलेंडर लेने की कोशिश कर रहे हैं। उन्हें आशंका है कि कहीं डिलीवरी में देरी या गड़बड़ी के कारण उनका सिलेंडर ब्लैक मार्केट में न चला जाए। इसलिए वे खुद लाइन में लगकर सिलेंडर लेने को मजबूर हैं।
कामकाज छोड़कर गैस के लिए इंतजार
गैस की कमी ने कई परिवारों की दिनचर्या भी प्रभावित कर दी है। कुछ लोग सिलेंडर लेने के लिए अपने दफ्तर या काम से छुट्टी तक ले रहे हैं। एक उपभोक्ता ने बताया कि उसे सुबह जल्दी काम पर निकलना पड़ता है, लेकिन सिलेंडर खत्म हो जाने के बाद उसे मजबूरन छुट्टी लेकर एजेंसी के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। कई बार घंटों लाइन में लगने के बाद भी खाली हाथ लौटना पड़ रहा है।
ईंधन को लेकर बढ़ी चिंता
एलपीजी की कमी की खबरों के बाद अब लोग अन्य ईंधनों को लेकर भी चिंतित नजर आ रहे हैं। राजधानी के कई पेट्रोल पंपों और सीएनजी स्टेशनों पर भीड़ बढ़ने लगी है। कई वाहन चालक आशंका के चलते पहले से ज्यादा ईंधन भरवा रहे हैं। कई इलाकों में सुबह से ही सीएनजी पंपों पर लंबी कतारें देखी गईं। ऑटो, टैक्सी और निजी वाहन चालकों को अपनी बारी के लिए काफी देर तक इंतजार करना पड़ रहा है। कुछ जगहों पर वाहनों की लाइन सड़क तक पहुंचती दिखाई दी।
ऑटो और टैक्सी चालकों की बढ़ी परेशानी
सीएनजी की संभावित कमी को लेकर सबसे ज्यादा चिंता ऑटो और टैक्सी चालकों में देखी जा रही है। उनका कहना है कि उनकी रोजी-रोटी पूरी तरह सीएनजी पर निर्भर है। अगर इसकी आपूर्ति प्रभावित हुई तो उनका काम ठप हो सकता है। कई चालक अपनी गाड़ियों की टंकी पूरी भरवाने की कोशिश कर रहे हैं ताकि आने वाले दिनों में परेशानी न हो। उनका कहना है कि अगर स्थिति जल्द सामान्य नहीं हुई तो उन्हें आर्थिक नुकसान झेलना पड़ सकता है।
प्रशासन से सुधार की मांग
लोगों का कहना है कि गैस की अनियमित आपूर्ति के कारण रोजमर्रा की जिंदगी प्रभावित हो रही है। उपभोक्ताओं और कारोबारियों ने प्रशासन से जल्द व्यवस्था सुधारने और गैस की नियमित सप्लाई सुनिश्चित करने की मांग की है, हालांकि पेट्रोल पंप संचालकों का कहना है कि फिलहाल घबराने की जरूरत नहीं है और ईंधन की पर्याप्त आपूर्ति उपलब्ध है। फिर भी अफवाहों और आशंकाओं के कारण लोगों की चिंता लगातार बढ़ती जा रही है।
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