Punjab Ex-DIG: समाज सेवा की मिसाल बने इंदरजीत सिंह सिद्धू को पद्मश्री
इंदरजीत सिंह ने वर्ष 1963 में पंजाब पुलिस में अपनी सेवा की शुरुआत की थी। अपने लंबे और प्रभावशाली करियर के दौरान उन्होंने कई अहम...

Punjab Ex-DIG: पंजाब पुलिस के सेवानिवृत्त वरिष्ठ अधिकारी इंदरजीत सिंह सिद्धू को सामाजिक सेवा और स्वच्छता के क्षेत्र में उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए प्रतिष्ठित पद्मश्री पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा। केंद्र सरकार ने गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर पद्म पुरस्कारों की सूची जारी करते हुए उनके नाम की घोषणा की। 80 वर्ष की उम्र में भी जिस ऊर्जा, अनुशासन और समर्पण के साथ सिद्धू समाज सेवा में सक्रिय हैं, वह उन्हें खास बनाता है और नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा का स्रोत है।
इंदरजीत सिंह सिद्धू ने वर्ष 1963 में पंजाब पुलिस में अपनी सेवा की शुरुआत की थी। अपने लंबे और प्रभावशाली करियर के दौरान उन्होंने कई अहम जिम्मेदारियां निभाईं। वर्ष 1996 में वे उप महानिरीक्षक (डीआईजी) के पद से सेवानिवृत्त हुए। हालांकि रिटायरमेंट के बाद उन्होंने आराम को प्राथमिकता नहीं दी, बल्कि समाज के लिए काम करने का संकल्प लिया।
सेवानिवृत्ति के बाद से सिद्धू चंडीगढ़ में रहकर लगातार सामाजिक गतिविधियों से जुड़े हुए हैं। वे विशेष रूप से स्वच्छता अभियानों, सामाजिक जागरूकता और नागरिक जिम्मेदारियों को लेकर सक्रिय भूमिका निभाते रहे हैं। स्थानीय लोग उन्हें एक कर्मठ समाजसेवी के रूप में जानते हैं, जो बिना किसी प्रचार के लगातार अपने कार्य में जुटे रहते हैं।
उनकी दिनचर्या भी लोगों के लिए प्रेरणादायक है। वे रोज़ाना सुबह समय पर उठते हैं, नियमित रूप से पैदल भ्रमण करते हैं और फिर सामाजिक कार्यों में लग जाते हैं। बुजुर्गों की मदद करना, युवाओं को मार्गदर्शन देना और स्वच्छता को लेकर लोगों को जागरूक करना उनकी दिनचर्या का हिस्सा है। उनके साथ काम करने वाले लोगों का कहना है कि उम्र ने कभी भी उनके उत्साह और अनुशासन को कमजोर नहीं किया।
इस वर्ष पद्मश्री पुरस्कार के लिए कई अन्य हस्तियों का भी चयन किया गया है, जिनमें खेल, कला और आध्यात्मिक क्षेत्र से जुड़े नाम शामिल हैं। इंदरजीत सिंह सिद्धू का मानना है कि समाज को कुछ लौटाना हर नागरिक की जिम्मेदारी है। उनका सम्मान यह साबित करता है कि अच्छे कार्यों के लिए उम्र कभी बाधा नहीं बनती।
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