Viral: जब चिता की तैयारी हो रही थी, तब 103 साल की दादी ने खोल दी आंखें
गंगाबाई पिछले करीब दो महीनों से अस्वस्थ थीं और लगातार बिस्तर पर थीं। उम्र अधिक होने के कारण उनकी शारीरिक स्थिति बेहद कमजोर हो गई थी।

Viral: महाराष्ट्र के नागपुर जिले के रामटेक कस्बे से एक हैरान कर देने वाली घटना सामने आई है, जिसने पूरे इलाके को स्तब्ध कर दिया। यहां 103 वर्षीय बुजुर्ग महिला गंगाबाई सावजी सखारे को मृत मानकर उनका अंतिम संस्कार करने की तैयारियां पूरी हो चुकी थीं, लेकिन दाह संस्कार से ठीक पहले उनके शरीर में हलचल देखी गई और पता चला कि वह जीवित हैं।
परिवार के अनुसार, गंगाबाई पिछले करीब दो महीनों से अस्वस्थ थीं और लगातार बिस्तर पर थीं। उम्र अधिक होने के कारण उनकी शारीरिक स्थिति बेहद कमजोर हो गई थी। बीते कुछ दिनों से वह मुश्किल से दो चम्मच पानी ही ले पा रही थीं। 12 जनवरी की शाम लगभग पांच बजे उनके शरीर में कोई प्रतिक्रिया नजर नहीं आई। सांस का कोई संकेत न मिलने और शरीर पूरी तरह शांत होने के कारण परिजनों ने उन्हें मृत मान लिया।
इसके बाद परिवार ने तुरंत अंतिम संस्कार की तैयारियां शुरू कर दीं। घर के बाहर टेंट लगाया गया, कुर्सियां लगाई गईं, आवश्यक सामग्री जुटाई गई और शव वाहन भी बुक कर लिया गया। रिश्तेदारों और परिचितों को सूचना दे दी गई, जिसके बाद लोग धीरे-धीरे घर पहुंचने लगे।लेकिन शाम करीब सात बजे अचानक माहौल बदल गया। गंगाबाई के पैरों की उंगलियों में हल्की हरकत दिखाई दी। उनके पोते राकेश सखारे ने यह देखा और तुरंत परिवार के अन्य सदस्यों को बुलाया। जब नाक पर रखी रुई हटाई गई, तो गंगाबाई ने गहरी सांस लेनी शुरू कर दी। यह देखकर सभी हैरान रह गए।
परिवार के लिए यह किसी चमत्कार से कम नहीं था। दिलचस्प बात यह है कि अगले ही दिन यानी 13 जनवरी को गंगाबाई का जन्मदिन था। परिजनों का कहना है कि यह उनके जीवन की सबसे अविस्मरणीय घटना है। इस घटना के बाद पूरे इलाके में चर्चा का माहौल है और लोग इसे ईश्वर की कृपा मान रहे हैं।
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