Saharanpur: मस्जिद पर चला बुलडोजर, इकरा हसन हाउस अरेस्ट!
सहारनपुर में कलेक्ट्रेट परिसर में बनी मस्जिद को लेकर चल रहे विवाद में अदालत के फैसले के बाद प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की....

सहारनपुर में कलेक्ट्रेट परिसर में बनी मस्जिद को लेकर चल रहे विवाद में अदालत के फैसले के बाद प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की। जिला जज न्यायालय के आदेश के बाद परिसर में स्थित मस्जिद को बुलडोजर की मदद से ध्वस्त कर दिया गया। कार्रवाई के दौरान किसी तरह की अप्रिय स्थिति से बचने के लिए शहर के संवेदनशील इलाकों में भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया।
मामले को लेकर पहले से ही सोशल मीडिया पर तरह-तरह की चर्चाएं और दावे किए जा रहे थे। शुक्रवार रात से ही मस्जिद को हटाए जाने की खबरें इंटरनेट मीडिया पर फैलने लगी थीं। इसके बाद स्थानीय जनप्रतिनिधियों और नेताओं की ओर से भी प्रतिक्रियाएं सामने आईं।
मस्जिद को लेकर कब शुरू हुआ विवाद?
कलेक्ट्रेट परिसर में बनी मस्जिद को लेकर बजरंग दल के पूर्व प्रांत संयोजक विकास त्यागी ने मार्च 2025 में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में मस्जिद को कथित तौर पर अवैध निर्माण बताया गया था। शिकायतकर्ता की ओर से यह भी आरोप लगाया गया था कि कलेक्ट्रेट परिसर का व्यावसायिक इस्तेमाल किया जा रहा है और इससे परिसर की सुरक्षा प्रभावित हो सकती है। इस मामले की सुनवाई करीब डेढ़ साल तक सिटी मजिस्ट्रेट की अदालत में चली।
कोर्ट के फैसले के बाद बढ़ी हलचल
जुलाई में सिटी मजिस्ट्रेट की अदालत ने मस्जिद को अवैध माना था। इसके बाद मामले को जिला जज न्यायालय में चुनौती दी गई। खबर के मुताबिक, जिला जज की अदालत ने तीन दिन पहले दिए अपने आदेश में सिटी मजिस्ट्रेट के फैसले को बरकरार रखा। इसके बाद प्रशासन की ओर से मस्जिद हटाने की कार्रवाई की गई।
छह बुलडोजर से हुई कार्रवाई
शुक्रवार रात से ही सोशल मीडिया पर मस्जिद गिराए जाने की खबरें तेजी से प्रसारित होने लगी थीं। हालांकि रात में इसे लेकर अफवाहों का दौर भी चलता रहा। शनिवार सुबह प्रशासन ने कार्रवाई शुरू की। बताया गया कि छह बुलडोजरों की मदद से कलेक्ट्रेट परिसर में बनी मस्जिद को ध्वस्त किया गया। किसी तरह के तनाव या अप्रिय घटना को रोकने के लिए शहर के अलग-अलग हिस्सों में पुलिसकर्मियों की तैनाती बढ़ा दी गई।
नेताओं की प्रतिक्रियाओं से भी गरमाया माहौल
मस्जिद से जुड़े घटनाक्रम के बीच सांसद और स्थानीय पार्षदों की ओर से सोशल मीडिया पर प्रतिक्रियाएं सामने आईं। मामले को लेकर राजनीतिक बयानबाजी भी शुरू हो गई, जिससे शहर का माहौल और संवेदनशील हो गया। प्रशासन की ओर से कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रखी गई।
इकरा हसन को किया गया हाउस अरेस्ट
मामले के बीच कैराना से सांसद इकरा हसन भी सहारनपुर जाने की तैयारी में थीं। बताया गया कि वह कलेक्ट्रेट परिसर की मस्जिद से जुड़े मामले को लेकर सहारनपुर जाने वाली थीं। इसी दौरान कैराना थाना पुलिस उनके आवास पर पहुंची और उन्हें हाउस अरेस्ट कर लिया। उनके आवास के बाहर थाना प्रभारी समेत बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी तैनात किए गए।
अब आगे क्या?
अदालत के फैसले के बाद प्रशासन द्वारा की गई कार्रवाई से सहारनपुर में यह मामला एक बार फिर चर्चा में आ गया है। फिलहाल प्रशासन की प्राथमिकता कानून-व्यवस्था बनाए रखना है। वहीं राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर भी इस कार्रवाई को लेकर प्रतिक्रियाएं सामने आने की संभावना है।









