राजनीति

Kharge: मुझे न रमेश बना सकते हैं, ना आप बना सकते

खड़गे का यह बयान उस संदर्भ में था जब वह सत्ताधारी दल पर निशाना साध रहे थे।

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा में विपक्ष के नेता, मल्लिकार्जुन खड़गे, ने एक महत्वपूर्ण भाषण दिया, जिसमें उन्होंने कहा, “मुझे न रमेश बना सकते हैं, ना आप बना सकते हैं, मुझे तो जनता ने बनाया है।” खड़गे का यह बयान उस संदर्भ में था जब वह सत्ताधारी दल पर निशाना साध रहे थे।

खड़गे ने अपने भाषण में जनता की महत्वपूर्ण भूमिका पर जोर दिया और कहा कि एक नेता का असली मूल्यांकन जनता ही कर सकती है। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि किसी भी व्यक्ति को जनता के समर्थन से ही वास्तविक पहचान और सम्मान मिलता है, ना कि किसी एक व्यक्ति या समूह के समर्थन से।

खड़गे ने अपने बयान में यह भी स्पष्ट किया कि वे अपनी राजनीति और नेतृत्व की दिशा को जनता की अपेक्षाओं और उनके हितों के आधार पर निर्धारित करते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि उनके नेतृत्व का आधार जनता की सेवा और उनकी भलाई पर केंद्रित है, न कि व्यक्तिगत या पार्टी हितों पर।

इस बयान के माध्यम से खड़गे ने यह संदेश दिया कि लोकतंत्र में जनता की शक्ति सबसे महत्वपूर्ण है और किसी भी नेता की सफलता का मापदंड जनता का समर्थन और विश्वास ही हो सकता है। उनका यह बयान सत्ताधारी दल को यह याद दिलाने का प्रयास था कि किसी भी नेता या पार्टी का अस्तित्व और प्रभाव जनता की शक्ति और समर्थन पर निर्भर करता है।

खड़गे का यह बयान राज्यसभा में गूंज उठा और इसने विपक्ष के नेताओं को भी प्रेरित किया कि वे जनता की आकांक्षाओं और अधिकारों के लिए आवाज उठाते रहें। उनका यह वक्तव्य एक महत्वपूर्ण राजनीतिक संदेश था जो लोकतंत्र की मूलभूत सिद्धांतों की ओर ध्यान आकर्षित करता है।

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