दिल्लीराजनीति

केजरीवाल सरकार के 400 ‘विशेषज्ञों’ को LG ने कर दिया टर्मिनेट, कोर्ट में चुनौती

केजरीवाल सरकार का कहना है कि उपराज्यपाल वीके सक्सेना ने बिना नोटिस दिए यह फैसला लिया। उपराज्यपाल ने उन कर्मचारियों को सिर्फ इसलिए निशाना बनाया क्योंकि वे दिल्ली सरकार में काम कर रहे थे।

दिल्ली के उपराज्यपाल वीके सक्सेना द्वारा केजरीवाल सरकार में काम कर रहे विभिन्न विभागों के 400 लोगों को टर्मिनेट कर दिया गया हैं। जारी बयान में कहा गया कि इन नियुक्तियों में पारदर्शिता नहीं बरती गयी थी और ना ही आरक्षण निति का पालन किया गया था। इनमें कई उम्मीदवार को अयोग्य (पर्याप्त शैक्षणिक योग्यता और अनुभव नहीं) होने के बावजूद नियुक्त किया गया था।

बता दें कि सेवा विभाग ने दिल्ली सरकार में विभिन पदों, फेलो/सहायक फेलो, सलाहकार/उप सलाहकार, विशेषज्ञ/सीनियर रिसर्च अधिकारी और कंसल्टेंट पदों पर कार्यरत 400 लोगों को टर्मिनेट करने का आग्रह उपराज्यपाल से किया था, जिसपर उपराज्यपाल वीके सक्सेना ने एक्शन लिया। ये सभी विशेषज्ञ दिल्ली सरकार के 23 विभागों, 5 मंत्रालयों और 13 बोर्ड्स से जुड़े थे।

केजरीवाल सरकार का पलटवार –

केजरीवाल सरकार ने उपराज्यपाल वीके सक्सेना के इस फैसले को संविधान के खिलाफ बताते हुए, कहा कि उपराज्यपाल के पास कर्मचारियों को नौकरी से निकलने की शक्ति नहीं हैं। ये लोग आईआईएम अहमदाबाद, दिल्ली स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स, नलसार, जेएनयू, एनआईटी, लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स और कैम्ब्रिज जैसे प्रतिष्ठित शैक्षणिक संस्थानों से जुड़े हैं और अपने-अपने विभाग में बेहतर काम कर रहे थे। इनकी नियुक्ति सभी नियमों का पालन करते हुए, की गयी थी।

केजरीवाल सरकार का कहना है कि उपराज्यपाल वीके सक्सेना ने बिना नोटिस दिए यह फैसला लिया। उपराज्यपाल ने उन कर्मचारियों को सिर्फ इसलिए निशाना बनाया क्योंकि वे दिल्ली सरकार में काम कर रहे थे। ऐसा करके उनका उद्देश्य मात्र दिल्ली सरकार को कमजोर करना हैं। दिल्ली सरकार ने उपराज्यपाल के इस फैसले को कोर्ट में चुनौती देने की बात कही।

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