धर्म

एक ऐसा मंदिर जहां होती है हाथियों की पूजा: पुरे होते हैं सारे मनोकामनाए

हम अक्सर मंदिरों में देवी देवताओं की पूजा करने के लिए जाते हैं. अपनी मनोकामनाएं पूर्ण करवाने के लिए भगवान के दर्शन करते है लेकिन यदि हम कहे की एक ऐसा मंदिर है

हम अक्सर मंदिरों में देवी देवताओं की पूजा करने के लिए जाते हैं. अपनी मनोकामनाएं पूर्ण करवाने के लिए भगवान के दर्शन करते है लेकिन यदि हम कहे की एक ऐसा मंदिर है जहा भगवान की नहीं जानवर की पूजा होती है तो आप क्या सोचेंगे. जी हां झारखंड की जमशेदपुर शहर में एक ऐसा मंदिर है जहां पर देवी देवता नहीं बल्कि हाथी की पूजा होती है इस मंदिर में लोग दूर-दूर से हाथी की पूजा करने आते है .यह मंदिर पहाड़ों और जंगलों के बीच है इसलिए यह मंदिर और भी सुनहरा लगता है.

इस गांव के लोगों का कहना है कि पहाड़ी एवं जंगल क्षेत्र होने के कारण हमारे गांव में बहुत मात्रा में हाथी आती है और फसल बर्बाद कर देती है. इसे हमें बहुत क्षति होता है बहुत नुकसान होता है.किसानो की साल भर की मेहनत एक क्षण में हाथी बर्बाद कर देती है. इन से परेशान हो कर यहाँ के पुजारी ने 300 साल पहले मिट्टी से हाथी की प्रतिमा बनाई और उसके बाद हाथी की पूजा करना शुरू कर दिया.

यहाँ पूजा के दौरान हाथी देवता को बलि भी चढाई जाती है. यहाँ आने वाले हर लोगो की मनोकामनाए पूरी हो जाती है. हाथी की पूजा करने के बाद उसे गांव में हाथी फसल बर्बाद नहीं करते हैं और तो और इस गाँव के लोगो की मान्यता है की हाथी खेदा मंदिर की प्रसाद औरतें नहीं खाती है. यदि कोई भी औरते यहाँ का प्रशाद खाती है तो वो पागल हो जाती है. इसके पीछे कुछ रहस्य भरी कहानी है. परन्तु यहाँ की औरते पर्सह्द ग्रहण नहीं करती है.

इस मंदिर में हर वक्त भक्तो की भीड़ रहती है सब अपनी मनोकामनाओं को पूरा करते है. यहाँ पर हठी खेदा बाबा को शराब भी चढ़ाया जाता है.ये एक मात्र ऐसा मंदिर है जहा हाथी की पूजा की जाती है .

Accherishtey

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